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जम्मू-कश्मीर: डिग्री तो मिली पर पंजीकरण अटका, मरीज नहीं देख पा रहे सैकड़ों डॉक्टर, काउंसिलिंग के लिए भी आवेदन लटके
Tue, 12 Oct 2021 05:55 PM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 12 Oct 2021 05:55 PM IST
सार
पंजीकरण प्रमाणपत्र के लिए सैकड़ों एमबीबीएस ग्रेजुएट जेकेएमसी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूसी ही मिल रही है। कार्यालय की ओर से एक ही जवाब दिया जा रहा है कि हमने उच्चाधिकारियों को सूचित किया है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से बाडी का गठन नहीं किया गया है।
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- फोटो : iStock
विस्तार
जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल (जेकेएमसी) के पिछले छह माह से निष्क्रिय होने से सैकड़ों एमबीबीएस ग्रेजुएट डाक्टरों के पंजीकरण प्रमाणपत्र नहीं बन पाए हैं। प्रमाण पत्र के माध्यम से ही एमबीबीएस ग्रेजुएट को प्रैक्टिस के लिए मान्यता मिलती है। अस्पतालों में आवेदन और नेशनल एलिजिबिलिटी एवं एंट्रेंस टेस्ट पोस्ट ग्रेजुएशन (नीट-पीजी) 2021 की काउंसिलिंग प्रक्रिया के लिए भी पंजीकरण प्रमाणपत्र अनिवार्य है। जेकेएमसी एपेक्स बॉडी में सरकार की ओर से कुछ मान्यता प्राप्त सदस्य रहते हैं। लेकिन गत मार्च माह से यह बॉडी निष्क्रिय चल रही है।
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सामान्य साढ़े चार साल की एमबीबीएस ग्रेजुएशन के बाद इंटर्नशिप के लिए भी जेकेएमसी से जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र की जरूरत होती है। हाल ही में एमबीबीएस की अंतिम वर्ष के परीक्षा के बाद सैकड़ों मेडिकल विद्यार्थी इंटर्नशिप के लिए आवेदन करेंगे, लेकिन पंजीकरण प्रमाणपत्र न होने से उनकी भी परेशानी बढ़ जाएगी। पीजी काउंसिलिंग के लिए जेकेएमसी द्वारा जारी पंजीकरण प्रमाणपत्र अनिवार्य होता है। पंजीकरण प्रमाणपत्र के लिए सैकड़ों एमबीबीएस ग्रेजुएट जेकेएमसी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें मायूसी ही मिल रही है। कार्यालय की ओर से एक ही जवाब दिया जा रहा है कि हमने उच्चाधिकारियों को सूचित किया है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से बाडी का गठन नहीं किया गया है।
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बताया जाता है कि सरकार की ओर से जेकेएमसी के लिए 13 सदस्यों की क्लीयरेंस के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया है, लेकिन पिछले छह माह से यह नाम फाइनल नहीं हो पाए हैं। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन जूनियर डाक्टर नेटवर्क (जम्मू कश्मीर चैप्टर) के प्रदेश संयोजक डॉ. राकेश कौल ने कहा कि जेकेएमसी बॉडी का गठन न होने से एमबीबीएस ग्रेजुएट के लिए परेशानी बढ़ी है। पिछले छह माह से पंजीकरण नहीं हो पा रहे हैं, जिससे वे आगे के लिए आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं।
कुछ दिनों में बॉडी गठित होगी-एसीएस
स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा विभाग के वित्तीय आयुक्त (अतिरिक्त मुख्य सचिव) विवेक भारद्वाज ने कहा कि सरकार की ओर से जल्द जम्मू-कश्मीर मेडिकल काउंसिल बॉडी का गठन किया जा रहा है। इससे एमबीबीएस ग्रेजुएट को राहत मिलेगी। जूनियर डाक्टरों के लिए जल्द पंजीकरण प्रमाणपत्र सुविधा शुरू होगी।