{"_id":"5b8d639d42c7924666423689","slug":"mba-pass-out-youth-became-militant-in-doda-jammu-kashmir-mother-appeal-to-come-back-home","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"J&K: आतंकी बने बेटे से मां की घर लौट आने की गुहार, पिता बोले जो भी इस रस्ते पर गया उसका घर उजड़ गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
J&K: आतंकी बने बेटे से मां की घर लौट आने की गुहार, पिता बोले जो भी इस रस्ते पर गया उसका घर उजड़ गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Mon, 03 Sep 2018 10:08 PM IST
विज्ञापन
आतंकी बने बेटे से घर लौटने कि अपील करती मां
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एमआर का काम करने वाले हारुन अब्बास के सोशल मीडिया पर एक-47 के साथ फोटो वायरल होने और उसके आतंकी संगठन में शामिल होने की खबर के बाद से परिवार के सदस्य सदमे में हैं। मां शमीमा बेगम का रो रोकर बुरा हाल है। वह बेटे से गुहार लगा रही है कि घर लौट आए। पिता भी पथराई आंखों से बस बेटे की तस्वीर को निहार रहा है।
हारुन की मासी रोते-रोते एक ही बात कह रही थी कि मैं उन लोगों से अपील करती हूं, जिन्होंने उसे बहकाया है कि हमारा बेटा हमें लौटा दें। हम अपने बेटे से भी कहना चाहते हैं कि वह घर आ जाए यह ठीक रास्ता नहीं है, क्योंकि जो भी इस रस्ते पर गया उसका पूरा परिवार उजड़ गया।
कुछ ही दिन के बाद हारुन के भाई यावर अब्बास की शादी है। हारुन ने 31 अगस्त को आखिरी बार घर पर फोन किया था। उसने कहा था कि मैंने सामान भेज दिया है शादी के लिए। इसके बाद से उसका फोन भी बंद हो गया है। वह चार भाई है। इसमें हारुन के अलावा यावर(28), सुलेमान(23) और गौहर अहमद। चाचा फारूक अहमद वानी का कहना था कि हारुन ने अच्छे अंक हासिल कर एमबीए की थी और हमें जरा भी आभास नहीं हुआ कि वह किसी के बहकावे में आ रहा है। इसी सप्ताह इसके भाई की शादी है। यह इस तरह का लड़का था ही नहीं। इसलिए हम उन लोगों से अपील करते हैं जिन्होंने इसे बहकाया है। वह हारुन को हमारे पास वापस भेज दें। हमारे घर के हालत पहले ही ठीक नहीं हैं। ऐसे में यह गम हमसे सहन नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हारुन की मासी रोते-रोते एक ही बात कह रही थी कि मैं उन लोगों से अपील करती हूं, जिन्होंने उसे बहकाया है कि हमारा बेटा हमें लौटा दें। हम अपने बेटे से भी कहना चाहते हैं कि वह घर आ जाए यह ठीक रास्ता नहीं है, क्योंकि जो भी इस रस्ते पर गया उसका पूरा परिवार उजड़ गया।
विज्ञापन
कुछ ही दिन के बाद हारुन के भाई यावर अब्बास की शादी है। हारुन ने 31 अगस्त को आखिरी बार घर पर फोन किया था। उसने कहा था कि मैंने सामान भेज दिया है शादी के लिए। इसके बाद से उसका फोन भी बंद हो गया है। वह चार भाई है। इसमें हारुन के अलावा यावर(28), सुलेमान(23) और गौहर अहमद। चाचा फारूक अहमद वानी का कहना था कि हारुन ने अच्छे अंक हासिल कर एमबीए की थी और हमें जरा भी आभास नहीं हुआ कि वह किसी के बहकावे में आ रहा है। इसी सप्ताह इसके भाई की शादी है। यह इस तरह का लड़का था ही नहीं। इसलिए हम उन लोगों से अपील करते हैं जिन्होंने इसे बहकाया है। वह हारुन को हमारे पास वापस भेज दें। हमारे घर के हालत पहले ही ठीक नहीं हैं। ऐसे में यह गम हमसे सहन नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
डोडा के युवक का एके-47 के साथ फोटो वायरल
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर
डोडा जिले का घट इलाका एक बार फिर से चर्चा में है। 90 के दशक में इसी क्षेत्र से डोडा में आतंकवाद की शुरूआत हुई थी। शनिवार को इसी घट इलाके के फुरकान आबाद मोहल्ला के हारुन अब्बास वानी(21) पुत्र गुलाम अब्बास वानी का फोटो सोशल मीडिया पर एके 47 बंदूक के साथ वायरल होने से परिवार के अलावा सुरक्षा एजेंसियां सकते में हैं। हारुन अब्बास वानी के घर के बाहर सुरक्षा एजेंसियों का कड़ा पहरा लगा दिया गया है।
एसपी ऑपरेशन, एडिशनल एसपी विनय कुमार और सेना के आला अधिकारी मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। हारुन परिवार के अनुसार हारुन मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर जम्मू में काम करता था। इसी सिलसिला में दिल्ली और कश्मीर जाता रहता था। कुछ दिन बाद उसके छोटे भाई की शादी है। अब परिवार के सदस्य चिंतित हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों भी डोडा जिला चर्चा में आया था। तब साजन गांव का आबिद बट्ट जो ईद मनाने घर आया था कि अचानक उसके आतंकी बनने की खबर फैल गई थी। उसके परिवार ने उससे लौट आने की गुहार लगाई थी, लेकिन वह नहीं माना। एक माह के भीतर ही सुरक्षाबलों ने उसे मार गिराया था। डोडा के साथ लगते किश्तवाड़ जिले में भी रेहड़ी लगाने वाले एक असम के युवक का फोटो हथियार सहित वायरल हुआ था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह अभी तक मिसिंग ही है।
यह घटनाएं दर्शा रही हैं कि आतंकी संगठनों की नजर अब चिनाब वादी के पढ़े लिखे युवकों पर है, जो उन्हें बरगला कर इन जिलों में दहशत का माहौल बनाना चाहती हैं। सूत्रों के अनुसार यहां के युवकों को बहकाने का प्रयास लगातार जारी है और अगर यहां पर आतंकी संगठनों का तंत्र थोड़ा भी मजबूत हुआ तो आतंक की राह अपनाने वाले युवकों की संख्या बढ़ सकती है। इस वर्ष बने आतंकियों में हारुन वानी 135 वां युवक है, जिसने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का दमन थामा है। आतंकियों ने इसका कोड नाम मोहिन उल इस्लाम दिया है।
एसपी ऑपरेशन, एडिशनल एसपी विनय कुमार और सेना के आला अधिकारी मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। हारुन परिवार के अनुसार हारुन मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर जम्मू में काम करता था। इसी सिलसिला में दिल्ली और कश्मीर जाता रहता था। कुछ दिन बाद उसके छोटे भाई की शादी है। अब परिवार के सदस्य चिंतित हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों भी डोडा जिला चर्चा में आया था। तब साजन गांव का आबिद बट्ट जो ईद मनाने घर आया था कि अचानक उसके आतंकी बनने की खबर फैल गई थी। उसके परिवार ने उससे लौट आने की गुहार लगाई थी, लेकिन वह नहीं माना। एक माह के भीतर ही सुरक्षाबलों ने उसे मार गिराया था। डोडा के साथ लगते किश्तवाड़ जिले में भी रेहड़ी लगाने वाले एक असम के युवक का फोटो हथियार सहित वायरल हुआ था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह अभी तक मिसिंग ही है।
यह घटनाएं दर्शा रही हैं कि आतंकी संगठनों की नजर अब चिनाब वादी के पढ़े लिखे युवकों पर है, जो उन्हें बरगला कर इन जिलों में दहशत का माहौल बनाना चाहती हैं। सूत्रों के अनुसार यहां के युवकों को बहकाने का प्रयास लगातार जारी है और अगर यहां पर आतंकी संगठनों का तंत्र थोड़ा भी मजबूत हुआ तो आतंक की राह अपनाने वाले युवकों की संख्या बढ़ सकती है। इस वर्ष बने आतंकियों में हारुन वानी 135 वां युवक है, जिसने आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन का दमन थामा है। आतंकियों ने इसका कोड नाम मोहिन उल इस्लाम दिया है।