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मछलियों की मौत दवा से नहीं कारखानों के पानी से हुई

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सांबा बसंतर दरिया के पानी में मरी मछलियां फाईल फोटो - फोटो : SAMBA
सांबा। बसंतर दरिया में मछलियों के मरने का कारण सामान्य नहीं है। बल्कि इनकी मौत दरिया में आ रहे कारखानों के केमिकल युक्त पानी से हुई है। यह दावा मत्स्य पालन विभाग ने किया है। विभाग ने दरिया के पानी के नमूने लेकर जांच के लिए लैब भेजे हैं। विभाग ने ऐसे कारखानों को नोटिस भेजने की तैयारी की है। तीन नोटिस के बाद अगर कारखाना प्रबंधन की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया तो उनके खिलाफ न्यायालय से सम्मन भेजा जाएगा।
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बसंतर दरिया में वीरवार को सैकड़ों मछलियां मरी हुई पाई गई हैं। इसको लेकर आसपास के लोगों में भी काफी दहशत देखी जा रही है। उनका कहना है कि दरिया पानी जहरीला है। इससे आसपास के खेतों की फसल को भी नुकसान पहुंचेगा और लोगों के स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ेगा। इसके अलावा यदि मवेशी दरिया का पानी पिएंगे तो उनकी भी मौत हो सकती है। स्थानीय लोगों ने बसंतर दरिया में गत दिवस सैकड़ों मछलियों के मरने से क्षेत्र के लोगों ने इसकी गंभीरता से जांच कराने की मांग उठाई है। लेबर यूनियन नेता गंभीर सिंह, नरेश शर्मा आदि ने जिला प्रशासन से मांग उठाई है कि बसंतर दरिया में मछलियों के मरने के क्या कारण हैं। इसकी जांच कराई जाए।
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उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन विभाग के कर्मी भी बसंतर दरिया में देखभाल नहीं करते हैं। उनके अनुसार आमतौर पर देखा गया है कि शाम के समय क ई लोग बंसतर दरिया में मछलियां पकड़ने पहुंच जाते हैं। कई बार वह जहरीली दवा पानी में फेंक देते हैं, जिससे भी मछलियां मारी जाती हैं। इसकी सारी जिम्मेदारी मत्स्य पालन विभाग की है। उन्होंने कहा कि सांबा शहर का सारा गंदा बसंतर में ही फेंका जा रहा है। इससे भी पानी प्रदूषित हो रहा है। उन्होंने उपायुक्त अनुराधा गुप्ता से मांग की कि एक कॉमन ईटीपी प्लांट लगाया गया है। उसे आज तक क्यों नहीं चालू किया गया। इस बारे में सिडको को निर्देश जारी किए जाएं कि उसे चालू किया जाए, ताकि बसंतर का पानी प्रदूषित न हो।
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जिले के 440 लोगों को मछली पकड़ने के लाइसेंस दिए गए हैं। पानी के सैंपल लेकर आरआर लैब में भेजे हैं, लेकिन उनकी मशीन खराब होने कारण जांच नहीं हो सकी है। विभाग ने लैब से लिखित में मशीन खराब होने की जानकारी ली है। जहरीली दवा से नहीं केमिकल के पानी से मछलियाें की मौत हुई है। इसके लिए विभाग उचित कार्रवाई करेगा। पहले ऐसे कारखानों को नोटिस जारी किया जाएगा जिनका पानी बसंतर दरिया में आ रहा है। तीन नोटिस पर अगर कोई उचित जवाब नहीं मिला तो विभाग की ओर से कोर्ट से सम्मन निकलवाएंगे।
-फरखंदा वानी, जिला अधिकारी, मत्स्य पालन विभाग, सांबा।
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