मसर्रत जेल से रिहा, अब कश्मीर पुलिस के हवाले
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हाईकोर्ट द्वारा पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) से बरी होने के बाद अलगाववादी नेता मसर्रत आलम को बुधवार को कोट भलवाल जेल से बाहर निकाला गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बुधवार की देर शाम जिला पुलिस मसर्रत को लेकर जम्मू शहर पहुंची और वहां पहले से इंतजार कर रही अन्य जिले की पुलिस को कस्टडी ट्रांसफर के तहत सौंपा गया है।
हालांकि पुलिस अधिकारी इस संबंध में कुछ भी कहने से कतराते रहे, लेकिन जानकारों का कहना है कि संभवत: मसर्रत को ट्रांसफर आफ कस्टडी में लिया गया होगा।
उल्लेखनीय है कि सात जनवरी तक मसर्रत न्यायिक रिमांड पर है। वीरवार को उसकी पेशी से पहले पुलिस उसे अदालत में पेश कर किसी अन्य मामले में रिमांड पर लेने की कोशिश करेगी।
देर शाम को उसे गुपचुप तरीके से जेल से निकाला
मसर्रत को 30 दिसंबर को अदालत ने पीएसए के आरोपों से बरी कर दिया था। पुलिस ने जेल से निकलते ही उसे अन्य केस में उठा लिया था। एक जनवरी को उसे मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में पेश किया गया था।
जहां से उसे सात जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था। हालांकि उसका रिमांड वीरवार को समाप्त हो रहा था, लेकिन बुधवार की देर शाम को उसे जेल से निकाला गया।
उल्लेखनीय है कि श्रीनगर में हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी की रैली में शामिल होने के लिए मसर्रत अपने समर्थकों के साथ जा रहा था। इस दौरान उनके समर्थकों ने पाकिस्तानी झंडे लहराए थे। इसके बाद पुलिस ने 17 अप्रैल को उसे गिरफ्तार किया था।
पाकिस्तानी झंडे लहराए जाने के कारण मुफ्ती के नेतृत्व वाली सरकार की देश में जमकर आलोचना हुई थी। अगस्त में भी हाईकोर्ट ने उस पर लगे पीएसए को खारिज किया था, उस वक्त भी जेल से निकलते ही उसे एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर फिर पीएसए लगा दिया गया था।