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Jammu: बेटा तेरी बरात यूं निकलेगी सोचा न था कह बेसुध हुए पिता, भतीजी बोली- चाचू उठो... आपके साथ दुकान जाना है

Sun, 14 May 2023 08:15 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 14 May 2023 08:15 AM IST
सार

आगरा में पैराशूटिंग ट्रूपिंग के दौरान हाइटेंशन तार में फंस कर शहीद हुए अंकुश शर्मा का पुरमंडल में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। चचेरे भाई ने मुखाग्नि दी। हंसाने वाले अंकुश शर्मा ने सबको रुला दिया। 

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Martyr Ankush Sharma cremated with military honors in Purmandal of jammu and kashmir
Martyr Ankush Sharma - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में पैराशूटिंग ट्रूपिंग के दौरान हाइटेंशन तार में फंस कर शहीद हुए बिश्नाह के कोठे सडोत्रे के मार्कोस कमांडो ट्रेनर अंकुश शर्मा का शनिवार को सैन्य सम्मान के साथ पुरमंडल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। चचेरे भाई ने मुखाग्नि दी। इस दौरान बिश्नाह, अरनिया सहित आसपास के सैकड़ों लोगों ने श्रद्धांजलि दी। 
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इससे पहले सतवारी हवाई अड्डे से सुबह 11 बजे बाइक रैली के साथ पार्थिव देह घर लाई गई। जैसे ही मां ने बेटे की फोटो को चूमकर सीने से लगाया तो हर एक की आंखें आंसुओं से भीग गईं। वहीं, बेसुध पिता बोलते रहे कि हमने तेरी बरात के सपने देखे थे पर तेरी बरात ऐसे निकलेगी किसी ने सोचा न था। शहीद अंकुश शर्मा की छोटी भतीजी चाचू को दुकान पर चलने की जिद्द करती रही।
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बिश्नाह ब्लॉक की पंचायत खैरी के गांव कोठे सडोत्रे के बलिदानी अंकुश शर्मा का पार्थिव शरीर शनिवार को 11 बजे पैतृक गांव लाया गया। शहीद का पार्थिव शरीर सतवारी एयरपोर्ट पहुंचने पर अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। सैकड़ों युवा बाइक सवारों ने हाथों में तिरंगा लेकर सतवारी से लेकर रैली निकाली और शहीद अंकुश शर्मा अमर रहे के नारे लगाए। जैसे ही पार्थिव शरीर घर की चौखट पर पहुंचा तो मां और बहन ने दौड़ते हुए फोटो को चूमा और सीने से लगा लिया। हर तरफ चीख पुकार मच गई। 
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उसके बाद रीति रिवाज के मुताबिक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई। सेना के अधिकारियों ने शहीद को सलामी दी। इसके बाद पुरमंडल में पवित्र नदी देविका के किनारे शहीद का अंतिम संस्कार किया गया। शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए सैन्य अधिकारियों के अलावा एसडीपीओ आरएस पुरा निखिल गोगना, थाना प्रभारी बिश्नाह विक्रम शर्मा, पूर्व विधायक अश्विनी शर्मा, जिला परिषद सदस्य धर्मेंद्र कुमार, पंचायत खैरी के सरपंच विजय सैनी, पंचायत खोजीपुर के सरपंच राजेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

चाचू उठ जाओ... मुझे आपके साथ दुकान जाना है

शहीद अंकुश शर्मा की छोटी भतीजी को जब अंतिम दर्शन करवाए जाने लगे तो वह रोने लगी। कहा कि चाचू उठ जाओ... मुझे आपके साथ दुकान पर जाना है... दुकान से मुझे कुछ खाने के लिए लेना है। छोटी बच्ची के ऐसा कहने पर माहौल और गमगीन हो गया। बेटे की शहादत पर हर किसी की आंखें नम थीं।

पिता बोले, तू सबसे छोट था... सबसे पहले चला गया

शहीद के मां-बाप, भाई-बहन हर कोई बेसुध था। पिता श्याम लाल शर्मा का रो-रोकर बुरा हाल था। वह कह रहे थे बेटा तू घर में सबसे छोटा था और सबसे पहले छोड़ कर चला गया है। यह गलत बात है। हमने तेरी बरात के सपने देखे थे पर तेरी बरात ऐसे निकलेगी किसी ने सोचा न था। लेकिन तू बिल्कुल चुप है। पिता की यह बातें हर किसी के कलेजे को चीर रही थीं। जब मां ने शहीद बेटे को सैल्यूट किया तो मानो वक्त थम सा गया था।
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