कैसे महूर्तों ने बिगाड़ा जम्मू के व्यापारियों का गणित
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नवरात्र शुरू होते ही त्योहारों और शादियों के सीजन का आगाज हो जाता है लेकिन इस वर्ष शारदीय नवरात्रों के बाद कुछ दिनों तक ही शुभ मुहूर्त के चलते शादियों और शुभ कार्यों का सीजन छोटा रहा, जिससे व्यापारियों की कमाई का गणित भी गड़बड़ा गया।
अक्तूबर से लेकर दिसंबर तक शादियों से भरा सीजन रहने के चलते लहंगा चोली से लेकर गहनों का व्यापार करने वाले व्यापारियों की अच्छी-खासी कमाई हो पाती थी लेकिन इस बार जल्द शुभ लग्न खत्म होने के चलते अब व्यापारी और दुकानदार करवाचौथ और बरीद से कमाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
पिछले दिनों रियासत में आई बाढ़ से उबरने की कोशिश में लगे दुकानदार और व्यापारियों को करवाचौथ और बकरीद में कमाई की थोड़ी बहुत उम्मीद है। लिंक रोड में कपड़ों का व्यापार करने वाले राजीव गुप्ता ने बताया कि इस वर्ष शादियां कम होने के चलते व्यापार पर असर पड़ा है। दो अक्तूबर से तारा डूबने के कारण भी व्यापार प्रभावित होगा।
जानकार पहले से ही करवाचौथ के लिए सामान और कपड़ों की खरीदारी कर रहे हैं। पटेल बाजार में स्थित अन्य बुटीक के मालिक रिशु ने बताया कि करवाचौथ और बकरीद के मौके पर थोड़ी बहुत कमाई की उम्मीद है। दलपत्तियां मोहल्ले में स्थित कास्मेटिक दुकान की मालिक कंचन ने बताया कि शादियों का सीजन छोटा था, इसलिए अब करवाचौथ और बकरीद पर काम निर्भर है। कंचन ने बताया कि तारा डूबने से भी करवाचौथ की खरीदारी पर असर पड़ेगा।
यह है शुभ और अशुभ लगन
रूपनगर से पंडित माखन लाल ने बताया कि दो अक्तूबर को कन्या राशि में शुक्र ग्रह के प्रवेश होने से शुक्र ग्रह अस्त में होने के चलते सभी शुभ कार्य वर्जित हो जाएंगे।
दो अक्तूबर से लेकर 26 नवंबर तक तारा डूबने के चलते शुभ कार्यों से लेकर शादी विवाह के कार्य बंद रहेंगे। इसके बाद 27 नवंबर को तारा चढ़ेगा। उन्होंने बताया कि 28 सितंबर तक ही शादियों और अन्य धार्मिक अनुष्ठान के लिए शुभ मुहूर्त थे।
इसके अलावा शादियों और अन्य धार्मिक अनुष्ठान के लिए दिसंबर महीने की दो, तीन, चार, पांच और छह तारीख को शुभ मुहूर्त रहेंगे।