चुनावी साल साबित होगा 2017, यूपी के बाद अब यहां होंगे चुनाव
जम्मू कश्मीर में खाली पड़ी अनंतनाग और श्रीनगर लोकसभा सीटों को अप्रैल 2017 तक भरना ही होगा। कश्मीर में पांच महीने बिगड़े रहे हालात की वजह से इन सीटों पर उपचुनाव को राज्य सरकार के आग्रह पर टाल दिया गया था। अब रियासत के मुख्य चुनाव अधिकारी शांतमनु की माने तो चुनाव आयोग अप्रैल तक इन दोनों सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर लेगा।
मुख्यमंत्री का पदभार चार अप्रैल को संभालने के बाद महबूबा मुफ्ती ने सांसद के तौर पर अनंतनाग विधानसभा सीट से त्यागपत्र दे दिया था। वहीं पीडीपी की सदस्यता छोड़ने के बाद तारिक हमीद कर्रा ने अगस्त 2016 में श्रीनगर लोकसभा सीट छोड़ दी थी। खराब हालात के चलते इन दोनों सीटों पर चुनाव अब तक नहीं हो पाया है।
मुख्य चुनाव अधिकारी शांतमनु का कहना है कि अप्रैल 2017 तक इन दोनों लोकसभा सीटों पर चुनाव की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। वहीं विधान परिषद की रिक्त होने वाली छह सीटों पर चुनाव प्रक्रिया की भी तैयारी चल रही है। इसके अलावा जुलाई में राष्ट्रपति पद पर होने वाले चुनाव में देश के विभिन्न विधानसभाओं के सदस्यों के अलावा जम्मू कश्मीर के विधायक भी हिस्सा लेंगे। रियासत में पंचायती चुनाव की तैयारी भी चल रही है। चुनाव के लिहाज से मौजूदा साल में चुनाव विभाग की भूमिका काफी सक्रिय रहने वाली है।
जार्जिया में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में जाएंगे शांतमनु
जम्मू-कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी शांतमनु 26 से 28 फरवरी तक जार्जिया में इलेक्शन मैनेजमेंट बाडीज विषय पर होने जा रहे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारतीय चुनाव आयोग का प्रतिनिधित्व करेंगे।
देश में कई राज्यों के चुनाव की प्रक्रिया के जारी रहने के चलते मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने जम्मू कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी शांतमनु और आंध्र प्रदेश के सीईओ भंवर लाल को जार्जिया में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में आयोग का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना है।
शांतमनु का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में पूरे देश के मुख्य चुनाव अधिकारियों में से उनका चयन होना जम्मू कश्मीर और यहां के चुनाव विभाग के लिए भी गौरव की बात है।