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जम्मू कश्मीर विंटर टूरिज्म के लिए बुरी खबर

Wed, 21 Oct 2015 11:36 AM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, जम्मू
ब्यूरो/अमरउजाला, जम्मू Updated Wed, 21 Oct 2015 11:36 AM IST
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many difficultis for winter tourism in kashmir

कश्मीर में विंटर टूरिज्म के जरिये पर्यटकों को खींचने की कवायद को कश्मीर के मौजूदा हालातों का ग्रहण लग सकता है।

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हालांकि पर्यटन से जुड़े  तमाम वर्गों ने उम्मीद जताई कि नतीजा बेहतर होगा, लेकिन अंदर ही अंदर सब मायूस हैं, क्योंकि अब तक नवंबर और दिसंबर महीने में फेस्टिवल सीजन की बुकिंग शुरू नहीं हुई।

पिछले वर्ष कश्मीर में आई बाढ़ का असर इस साल के पर्यटन पर भी दिखा। पिछले साल की तुलना में इस साल पर्यटक भी कम आए।

जानकारी के अनुसार वर्ष 2014 में सितंबर महीने तक कश्मीर में 11 लाख पर्यटक पहुंचे। इनमें 50 हजार विदेशी पर्यटक भी शामिल थे। इसके बाद कश्मीर में बाढ़ आ गई। पर्यटन व्यवसाय एक तरह से ठप हो गया।
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साल की शुरुआत में पर्यटन विभाग ने घोषणा करते हुए कहा कि इस साल पर्यटकों की संख्या में 10 फीसदी का इजाफा करने की कोशिश होगी, लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी कश्मीर में पर्यटकों का जमावड़ा नहीं लग पाया।
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वर्ष 2015 में सितंबर महीने तक कश्मीर में आठ लाख पर्यटक पहुंचे हैं। इसमें विदेशी, घरेलू और देश के अन्य राज्यों से आने वाले पर्यटक शामिल हैं। दरअसल, मौजूदा वर्ष में पर्यटकों की कम संख्या से पर्यटन विभाग भी चिंतित है।

इसलिए अब विंटर टूरिज्म पर फोकस किया जा रहा है। इसके लिए कोलकाता में रोड शो किए जा रहे हैं। देश के अन्य राज्यों में भी रोड शो किए जा रहे हैं।

इन रोड शो में लोगों से कहा जा रहा है कि वे लोग विंटर में कश्मीर आएं। इसके लिए होटलों में रहने के लिए 40 फीसदी की छूट दी गई है।

कश्मीर चैंबर आफ कामर्स के संयुक्त महासचिव एवं होटल फेडरेशन के महासचिव फैज बख्शी का कहना है कि इस साल पर्यटक बहुत कम आए हैं।

पिछले साल आए सैलाब का असर पूरी तरह से दिखा। अब उन्हें विंटर सीजन से उम्मीद है, लेकिन हालातों से चिंतित हैं। उधमपुर में अनंतनाग के रहने वाले क्लीनर की मौत की घटना से हालात खराब हैं।

आरोपियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन उम्मीद कर रहे हैं कि हालात जल्द सामान्य हो जाएं, ताकि विंटर सीजन में अधिक पर्यटक आएं। बाहरी राज्यों के लोग बुकिंग के लिए संपर्क साध रहे हैं।

2013 में इस समय कश्मीर के तीन हजार होटलों में 1500 बुक हो चुके थे, लेकिन इस साल 500 भी नहीं हुए हैं। कश्मीर पर्यटन विभाग के उप निदेशक पीरजादा जहूर का कहना है कि बेशक कश्मीर में पर्यटक कम आए हैं।


लेकिन कश्मीर ही विश्व का एकमात्र ऐसा स्थल है, यहां त्रासदी होने के बाद भी पर्यटक पहुंचे। मौजूदा समय में कश्मीर में हर महीने औसत सात हजार पर्यटक आ रहे हैं। उम्मीद है कि विंटर में पर्यटक पहुंचेंगे।

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