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मनरेगा के तहत सभी 20 जिलों में नियुक्त होंगे लोकपाल
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जम्मू। जम्मू-कश्मीर में केंद्रीय प्रायोजित स्कीम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार अधिनियम (मनरेगा) के तहत प्रदेश के सभी बीस जिलों में लोकपाल नियुक्त होंगे। इस संबंध में प्रदेश सरकार जल्द ही कवायद शुरू करने जा रही है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को इस संबंध में सरकार ने नोडल विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है। फ्लैगशिप स्कीम मनरेगा के तहत हर जिले में लोकपाल को नियुक्त करने का प्रावधान है। लोकपाल अपने संबंधित जिले में मनरेगा स्कीम को तय नियमों के तहत लागू करवाना सुनिश्चित करेंगे।
मनरेगा योजना में कार्यरत श्रमिक, ठेकेदार व अन्य हितधारक लोकपाल के समक्ष लंबित मानदेय, पेमेंट व योजना के तहत हुए कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए शिकायत कर सकेंगे।
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30 दिन के अंदर होगा शिकायत का निपटारा
लोकपाल 30 दिनों के भीतर शिकायतों का निपटारा करेंगे और उनके पास अधिकार होंगे कि वह मौके पर ही जांच के निर्देश दे पाएंगे। लोकपाल हर तीन माह में मुख्य सचिव व नोडल विभाग के प्रशासनिक सचिव को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगेे। कुल मिलाकर मनरेगा स्कीम के तहत होने वाले कार्यों में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ेगी।
कोट
प्रदेश के सभी 20 जिलों में मनरेगा के तहत लोकपाल नियुक्त होंगे। इस संबंध में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग नोडल विभाग के तहत जल्द ही लोकपाल की नियुक्ति जिला स्तर पर करेगा। योजना का मकसद फ्लैगशिप स्कीम में जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ाना है ताकि स्कीम का मकसद पूरा हो सके।
-प्राण सिंह, अतिरिक्त सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग जम्मू-कश्मीर
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आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग को इस संबंध में सरकार ने नोडल विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है। फ्लैगशिप स्कीम मनरेगा के तहत हर जिले में लोकपाल को नियुक्त करने का प्रावधान है। लोकपाल अपने संबंधित जिले में मनरेगा स्कीम को तय नियमों के तहत लागू करवाना सुनिश्चित करेंगे।
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मनरेगा योजना में कार्यरत श्रमिक, ठेकेदार व अन्य हितधारक लोकपाल के समक्ष लंबित मानदेय, पेमेंट व योजना के तहत हुए कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए शिकायत कर सकेंगे।
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30 दिन के अंदर होगा शिकायत का निपटारा
लोकपाल 30 दिनों के भीतर शिकायतों का निपटारा करेंगे और उनके पास अधिकार होंगे कि वह मौके पर ही जांच के निर्देश दे पाएंगे। लोकपाल हर तीन माह में मुख्य सचिव व नोडल विभाग के प्रशासनिक सचिव को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगेे। कुल मिलाकर मनरेगा स्कीम के तहत होने वाले कार्यों में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ेगी।
कोट
प्रदेश के सभी 20 जिलों में मनरेगा के तहत लोकपाल नियुक्त होंगे। इस संबंध में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग नोडल विभाग के तहत जल्द ही लोकपाल की नियुक्ति जिला स्तर पर करेगा। योजना का मकसद फ्लैगशिप स्कीम में जवाबदेही और पारदर्शिता को बढ़ाना है ताकि स्कीम का मकसद पूरा हो सके।
-प्राण सिंह, अतिरिक्त सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग जम्मू-कश्मीर