जम्मू कश्मीरः पंचायत चुनाव पर पार्टियों में नहीं बनी आमराय, चुनाव पर लटकी तलवार
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भाजपा की अगुवाई प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा ने की। शर्मा ने पंचायत चुनाव जल्द कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत ही नहीं, शहरी स्थानीय निकाय चुनाव भी जल्द होने चाहिए ताकि जमीनी स्तर पर लोकतंत्र मजबूत हो और लोगों की समस्याओं का हल हो। जम्मू व लद्दाख में हालात पूरी तरह से सामान्य हैं।
नेशनल कांफ्रेंस की तरफ से महासचिव अली मोहम्मद सागर, देवेेंद्र सिंह राणा, मोहम्मद अकबर लोन और नासिर असलम वानी ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में अली मोहम्मद सागर ने कहा कि पार्टी का पक्ष है कि कश्मीर में हालात चुनाव के अनुकूल नहीं हैं। गेंद सरकार के खेमे में है। चुनाव पर आखिरी फैसला उसे ही लेना है।
कांग्रेस और पैंथर्स ने भी रखी अपनी राय
कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ उपाध्यक्ष शाम लाल शर्मा, एमएलसी गुलाम नबी मोंगा, मुख्य प्रवक्ता रविंद्र शर्मा, विधायक असगर करबलाई, उस्मान मजीद, शाह नवाज चौधरी ने बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद शाम लाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि जल्द से जल्द पंचायत चुनाव हो।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस 73वां संशोधन पूरी तरह से लागू करने और सरपंचों का सीधा चुनाव करवाने के पक्ष में है। पार्टी ने अपना पक्ष मुख्यमंत्री को बता दिया। उन्होंने कहा केंद्र व राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह चुनाव के लिए सुरक्षा वातावरण बनाए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने भाजपा के सुझाव जिसमें विधायकों को ब्लाक डेवलपमेंट काउंसिल का चेयरमैन मनोनीत करने की बात की गई का कड़ा विरोध किया। पैंथर्स पार्टी के चेयरमैन हर्ष देव सिंह ने कहा कि पार्टी जल्द चुनाव करवाने के पक्ष में है।
सरकार की जिम्मेदारी है कि वह जल्द चुनाव करवाए। वहीं बैठक के बाद सरकार की तरफ से ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री अब्दुल हक खान ने कहा कि अधिकतर सियासी नेताओं की राय में हालात चुनाव के अनुकूल नहीं हैं।
उन्होंने चुनाव को बेहतर हालात होने तक टालने की बात कहीं है। सर्वदलीय बैठक के बाद अब रियासत सरकार इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेगी।