कश्मीर को खून खराबे से निकालने के लिए जरूरी है संवाद: महबूबा मुफ्ती
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लोगों तक पहुंचने को एकमात्र रास्ता बताते हुए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने शुक्रवार को राज्य को वर्तमान समय की कठिनाइयों और खून खराबे से बाहर निकालने के लिए राज्य में संस्थागत वार्ता शुरू करने पर जोर दिया।
महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा के विभिन्न शहरों से आए पत्रकारों के एक समूह से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू व कश्मीर के लोगों को दो देशों के बीच दुश्मनी का सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है और चार युद्धों के बावजूद विवादास्पद मुद्दे हल नहीं हो पाए हैं।
उप महाद्वीप में अधिकतम लोग भारत और पाकिस्तान के बीच शांति और समाधान के समाधान चाहते हैं और इस दिशा में कोई भी कदम इस चुप बहुमत के प्रति योगदान है। महबूबा ने राज्य के विशिष्ट विश्वास बहाली के उपायों की शुरुआत करने पर बल दिया, जो व्यवस्था में लोगों के विश्वास को बहाल करेगा।
फिर किया अटल बिहारी वाजपेयी का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा कि 2005 में मुफ्ती मोहम्मद सईद के राज्य के मुख्यमंत्री पद से हटाने के बाद 2005 में राज्य में संवाद और सामंजस्य ने अपनी गति खो दी। वर्तमान संकट उसी तरह का है जिसके तहत तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा अपनाई गई व्यापक सार्वजनिक पहुंच की भावना को फिर से बहाल करने की जरूरत है और इसे आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने 2014 के बाढ़ के बाद बुनियादी ढांचे को स्थिर करने के लिए सड़क मसौदा, स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों के संदर्भ में आने वाले वर्षों के लिए और राज्य सरकार के भविष्य के रोड मैप वर्तमान सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी।