नारबल गोलीकांड: कोई भी बयान दर्ज करवाने नहीं पहुंचा
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कश्मीर के बडगाम जिले के नारबल में 18 अप्रैल को हुए गोलीकांड की जांच में सरकार द्वारा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करवाने के फैसले के ठीक एक दिन बाद मंगलवार को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बडगाम के सामने कोई भी बयान दर्ज करवाने नहीं पहुंचा।
सुहैल अहमद सोफी की पुलिस फायरिंग में हुई मौत के मामले में मंगलवार को मजिस्ट्रेट जांच शुरू कर दी गई। नारबल गोलीकांड के कारणों और स्थितियों का पता लगाने के लिए नियुक्त जांच अधिकारी एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बडगाम मंजूर अहमद कादरी ने बताया कि मंगलवार को कोई भी बयान दर्ज करवाने नहीं पहुंचा।
उन्हें 27 अप्रैल तक गवाहों के बयान दर्ज करने हैं। कोई भी इस मामले में अपना बयान दर्ज करा सकता है।
'जांच कमेटी पर विश्वास नहीं'
वहीं मृतक के पिता अब्दुल अहद सोफी का कहना है कि उन्हें ऐसी जांच कमेटियों पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं। पहले भी कई बार जांच कमेटियां गठित की गई हैं, लेकिन जांच कहां पहुंची किसी को भी नहीं पता। कोई गिरफ्तारी भी नहीं होती है।
ऐसी कमेटियों की जांच रिपोर्ट कभी भी सार्वजनिक नहीं की जाती। सोफी के अनुसार यह स्पष्ट हो चुका है कि उनके बेटे की हत्या की गई और सरकार द्वारा हत्यारों की पहचान भी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि फिर जांच कमीशन क्यों, जब अपराधियों की पहचान हो चुकी है।
अब तो कमेटी का कोई काम ही नहीं। सोफी ने कहा कि मैं सरकार से अपील करना चाहता हूं कि अगर कमेटी का गठन किया है, तो वह समय-समय पर उन्हें भी बताए कि क्या प्रगति हुई है।