{"_id":"6498a43d5500e8acd90c4004","slug":"ma-stadim-jammu-cricket-jammu-news-c-10-jam1007-147807-2023-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: एमए स्टेडियम में अनदेखी की क्रिकेट, गली क्रिकेटर लगा रहे चौके-छक्के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: एमए स्टेडियम में अनदेखी की क्रिकेट, गली क्रिकेटर लगा रहे चौके-छक्के
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। आईपीएल और रणजी जैसे मुकाबलों के लिए तैयार किए गए शहर का एमए स्टेडियम की दशा कुछ और ही बयां कर रही है। प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत 43 करोड़ रुपये की लागत से नामी क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए एमए स्टेडियम का जीर्णोद्धार 2020 में पूरा हुआ था, लेकिन बड़े मैच की मेजबानी के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। स्पोर्ट्स काउंसिल ने मैदान को गैर-पेशेवर खिलाड़ियों को 25 सौ रुपये में देना शुरू दिया, जिससे यह गली मैदान बन कर रह गया।
एमए स्टेडियम में भी बड़े क्रिकेट मैच हो इसके लिए जीर्णोद्धार के तहत मैदान में पवेलियन, 17 हजार कुर्सियां, फ्लड लाइट, पार्किंग सहित अन्य सुविधाएं स्थापित तो की गईं, लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं हो पाया। मैदान में गैर पेशेवर खिलाड़ी खेलते हैं, जिससे पिच खराब हो रही है। इस कारण मैदान पर राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले तो दूर अभ्यास मैच भी नहीं हो सकेंगे। 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी इसी मैदान पर किया जाता है। इससे मैदान की हालात और खराब हो जाती है। इस कारण मैदान पर प्रतियोगिता की मेजबानी करना मुश्किल हो रहा है।
-- जेकेसीए के हॉस्टल मैदान पर ही हो रही रणजी मुकाबलों की मेजबानी
जम्मू में रणजी ट्रॉफी के मुकाबलों की मेजबानी के लिए एक मात्र मैदान जेकेसीए का हास्टल मैदान है। इसके अलावा कोई अन्य मैदान नहीं है, जहां राष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों की मेजबानी हो सके। एमए स्टेडियम की अनदेखी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अन्य राज्यों की टीमें एमए स्टेडियम की बजाय जम्मू विश्वविद्यालय के क्रिकेट मैदान और घरोटा क्रिकेट मैदान में ही अभ्यास को प्राथमिकता देती हैं।
विज्ञापन
-- -- -
15 अगस्त के बाद मैदान का अच्छे से करेंगे रखरखाव
एमए स्टेडियम राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मुकाबले होने चाहिए। मैदान की पिच के रखरखाव के लिए हमारे पास प्रशिक्षित लोग नहीं हैं। 15 अगस्त के बाद मैदान का अच्छे से रखरखाव करेंगे। अभी दिन में 25 सौ रुपये और रात में एक घंटे के 25 सौ रुपये के आधार मैदान को खेलने के लिए दिया जा रहा है।
- सतपाल सिंह, एमए स्टेडियम प्रबंधक, स्पोर्ट्स काउंसिल
-- --
प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी थी, लेकिन प्रशासन इस मैदान बहुउद्देश्य स्टेडियम ही बनाना चाहता है। रणजी सहित अन्य राष्ट्रीय स्तर की टूर्नामेंट के आयोजन के लिए एमए स्टेडियम का मैदान मानकों के तहत फिट नहीं बैठता है। स्टेडियम में अभ्यास के साथ दो टर्फ विकेट भी होनी चाहिए। क्रिकेट मैदान के रूप में इस स्टेडियम अन्य गतिविधियों को साथ में नहीं किया जा सकता है।
- ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता, उप-समिति के सदस्य, जेकेसीए
विज्ञापन
जम्मू। आईपीएल और रणजी जैसे मुकाबलों के लिए तैयार किए गए शहर का एमए स्टेडियम की दशा कुछ और ही बयां कर रही है। प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत 43 करोड़ रुपये की लागत से नामी क्रिकेट टूर्नामेंट के लिए एमए स्टेडियम का जीर्णोद्धार 2020 में पूरा हुआ था, लेकिन बड़े मैच की मेजबानी के दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। स्पोर्ट्स काउंसिल ने मैदान को गैर-पेशेवर खिलाड़ियों को 25 सौ रुपये में देना शुरू दिया, जिससे यह गली मैदान बन कर रह गया।
एमए स्टेडियम में भी बड़े क्रिकेट मैच हो इसके लिए जीर्णोद्धार के तहत मैदान में पवेलियन, 17 हजार कुर्सियां, फ्लड लाइट, पार्किंग सहित अन्य सुविधाएं स्थापित तो की गईं, लेकिन उनका इस्तेमाल नहीं हो पाया। मैदान में गैर पेशेवर खिलाड़ी खेलते हैं, जिससे पिच खराब हो रही है। इस कारण मैदान पर राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले तो दूर अभ्यास मैच भी नहीं हो सकेंगे। 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे कार्यक्रमों का आयोजन भी इसी मैदान पर किया जाता है। इससे मैदान की हालात और खराब हो जाती है। इस कारण मैदान पर प्रतियोगिता की मेजबानी करना मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन
जम्मू में रणजी ट्रॉफी के मुकाबलों की मेजबानी के लिए एक मात्र मैदान जेकेसीए का हास्टल मैदान है। इसके अलावा कोई अन्य मैदान नहीं है, जहां राष्ट्रीय स्तर के मुकाबलों की मेजबानी हो सके। एमए स्टेडियम की अनदेखी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अन्य राज्यों की टीमें एमए स्टेडियम की बजाय जम्मू विश्वविद्यालय के क्रिकेट मैदान और घरोटा क्रिकेट मैदान में ही अभ्यास को प्राथमिकता देती हैं।
विज्ञापन
15 अगस्त के बाद मैदान का अच्छे से करेंगे रखरखाव
एमए स्टेडियम राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मुकाबले होने चाहिए। मैदान की पिच के रखरखाव के लिए हमारे पास प्रशिक्षित लोग नहीं हैं। 15 अगस्त के बाद मैदान का अच्छे से रखरखाव करेंगे। अभी दिन में 25 सौ रुपये और रात में एक घंटे के 25 सौ रुपये के आधार मैदान को खेलने के लिए दिया जा रहा है।
- सतपाल सिंह, एमए स्टेडियम प्रबंधक, स्पोर्ट्स काउंसिल
प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी थी, लेकिन प्रशासन इस मैदान बहुउद्देश्य स्टेडियम ही बनाना चाहता है। रणजी सहित अन्य राष्ट्रीय स्तर की टूर्नामेंट के आयोजन के लिए एमए स्टेडियम का मैदान मानकों के तहत फिट नहीं बैठता है। स्टेडियम में अभ्यास के साथ दो टर्फ विकेट भी होनी चाहिए। क्रिकेट मैदान के रूप में इस स्टेडियम अन्य गतिविधियों को साथ में नहीं किया जा सकता है।
- ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता, उप-समिति के सदस्य, जेकेसीए