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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Loss of power purchase of Rs 14871 crore in 2012-17 in Jammu and Kashmir

जम्मू-कश्मीर में 2012-17 में 14871 करोड़ रुपये की बिजली खरीद का घाटा, कैग की रिपोर्ट में खुलासा

Sun, 27 Sep 2020 10:37 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 27 Sep 2020 10:37 AM IST
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Loss of power purchase of Rs 14871 crore in 2012-17 in Jammu and Kashmir
फाइल फोटो
जम्मू कश्मीर विद्युत विकास विभाग (जेकेपीडीडी) में 2012-13 और 2016-17 के लिए बिजली खरीद समझौतों और विद्युत राजस्व संग्रह के प्रदर्शन में कई खामियां सामने आई हैं। 2012 से 2017 में जम्मू कश्मीर में 14871 करोड़ रुपये की बिजली खरीद का घाटा हुआ। 
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जबकि 2012-17 के दौरान बिजली खरीद पर किए गए 24,299 करोड़ रुपये के खर्च के मुकाबले 9,428 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इसका खुलासा भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की सामाजिक, सामान्य, आर्थिक (गैर-पीएसयूएस) क्षेत्र  31 मार्च 2017 की रिपोर्ट में हुआ है।  
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रिपोर्ट में बताया गया है कि विभाग (पीडीडी) अपनी बिजली की आवश्यकता को पूरा करने में विफल रहा। राज्य में उपलब्ध मांग और स्वयं सृजन उपलब्धता के बीच का अंतर 77 प्रतिशत और 84 प्रतिशत के बीच रहा। राज्य की बिजली की आवश्यकता का लगभग 73 प्रतिशत से 76 प्रतिशत हिस्सा केंद्रीय उत्पादन स्टेशनों से खरीद के माध्यम से पूरा किया गया। 
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जेकेपीडीडी की योजना की कमियों और बिजली खरीद लागत के गैर-अनुकूलन के कारण 2012-17 के दौरान खरीदी गई बिजली पर 840 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय किया। जेकेपीडीडी ने देर से भुगतान के लिए 1,420.26 करोड़ रुपये का सरचार्ज भुगतान किया और कम वित्तीय प्रबंधन के कारण 297.92 करोड़ रुपये की छूट का लाभ उठाने का अवसर खो दिया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि विलंबित भुगतानों के लिए नियमन लागू करने के कारण बिना किसी अतिरिक्त बिजली के निर्धारित शुल्क की ओर 33.67 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े।

प्रबंधन में कमी से उठाना पड़ा नुकसान

रिपोर्ट के अनुसार प्रबंधन सही न होने की वजह से विभाग को घाटा उठाना पड़ा। बिजली के ट्रांसमिशन के बुनियादी ढांचे को पूरा नहीं करने के कारण विभाग ने दो बिजली परियोजनाओं के क्षमता शुल्क और ऊर्जा शुल्क के लिए 543.47 करोड़ रुपये का भुगतान किया। मार्च 2017 में समाप्त होने पर खराब संग्रह क्षमता के कारण 2,508.23 करोड़ रुपये की वसूली हुई। 

विभाग विभिन्न क्षेत्रों में बिजली खरीद लागत को पुनर्प्राप्त करने में विफल रहा, जो 2015-16 में 62.56 प्रतिशत के मुकाबले 2016 में बढ़कर 67.33 प्रतिशत हो गया। इसके परिणामस्वरूप 2016-17 में 10,176 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि विभाग जम्मू और कश्मीर राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा अनुमोदित संशोधित टैरिफ आदेश को लागू करने में विफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को 10.06 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। 

कैग ने कहा कि 17 बिजली परियोजनाओं के संबंध में 5,950.55 करोड़ रुपये की अनुमानित राशि का 67 प्रतिशत 3971.63 करोड़ रुपये बरामद किए गए। जल उपयोग शुल्क निधि से 4,159.85 करोड़ रुपये के कुल खर्चों में से 2.40 प्रतिशत संपत्ति के निर्माण के लिए आवंटित किए गए थे और 80.25 प्रतिशत बिजली की खरीद के लरए उपयोग किए गए।
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