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पुनर्निर्माण के लिए दीर्घकालिक योजना

Mon, 14 Dec 2015 01:22 PM IST
Updated Mon, 14 Dec 2015 01:22 PM IST
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long-term plan recommended to rebuild jammu and kashmir

जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और भूस्खलन से हुई भारी तबाही पर गंभीर गृह मंत्रालय से संबंधित संसद की स्थायी समिति ने राज्य के पुनर्निर्माण के लिए दीर्घकालिक योजना तैयार कर इसे यथाशीघ्र लागू करने की सिफारिश की है।

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समिति ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा कि है कि जम्मू और कश्मीर की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पर्याप्त निधि होनी चाहिए। यह केंद्र और राज्य सरकार दोनों के लिए बड़ी चुनौती है।
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दोनों सरकारों को आपसी तालमेल से एक नियत समय सीमा में राज्य के अर्थव्यवस्था पुनर्निर्माण कार्यक्रम पर ध्यान देना चाहिए और इस संबंध में विस्तृत जानकारी भी जल्द उपलब्ध कराना चाहिए।
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गृह मंत्रालय ने समिति को यह बताया है कि जम्मू-कश्मीर में सुधार के लिए दीर्घकालिक उपाय शुरू करने के लिए राज्य सरकार के अनुरोध पर विचार किया जा रहा है।

सरकार इन क्षेत्रों पर देगी ध्यान

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दीर्घकालिक उपायों के लिए विद्युत, स्वास्थ्य, सड़क व राजमार्ग, पर्यटन, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, मानव संसाधन विकास और जल संसाधन जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा। इस संदर्भ में सहायता की संभावनाओं को तलाशने के लिए केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्य का दौरा भी किया है।

दूसरी ओर समिति ने राज्य में बचाव और राहत मशीनरी, आपदा प्रबंधन की तैयारी पर भी असंतोष जाहिर किया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन तंत्र को सुदृढ़ बनाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।

समिति ने कहा है कि पुनर्वास और अर्थव्यवस्था को पुनरस्थापित करने का काम प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। वहीं केंद्र से भूस्खलन के कारकों के बारे में विस्तृत अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों और भूवैज्ञानिकों का एक विशेषज्ञ समूह गठित करने की सिफारिश की है।

दरअसल, जिन जगहों पर भूस्खलन हुए हैं, वहां कई गांव भी बह गए हैं। समिति का मानना है कि अत्यधिक वर्षा के अलावा इतना अधिक भूस्खलन कुछ अन्य कारकों के कारण भी हुआ है।

इसलिए सरकार को उन अन्य कारकों की जांच करानी चाहिए। समिति के  इन सुझावों पर राज्य और केंद्र दोनों ने सहमति जताई है। यह भी बताया है कि इस दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
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