फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   lok sabha election 2024 Interesting contest with the claims of two former CMs on Anantnag-Rajouri seat

Election: अनंतनाग सीट पर दो पूर्व सीएम की दावेदारी से मुकाबला रोचक, महबूबा, आजाद, नेकां की दांव पर प्रतिष्ठा

Mon, 08 Apr 2024 06:17 PM IST
kumar गुलशन कुमार डॉ. बृजेश कुमार सिंह, जम्मू
डॉ. बृजेश कुमार सिंह, जम्मू Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Mon, 08 Apr 2024 06:17 PM IST
सार

दो पूर्व मुख्यमंत्रियों पीडीपी से महबूबा मुफ्ती और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी से गुलाम नबी आजाद के मैदान में आने की घोषणा की जा चुकी है।

विज्ञापन
lok sabha election 2024 Interesting contest with the claims of two former CMs on Anantnag-Rajouri seat
गुलाम नबी आजाद और महबूबा मुफ्ती - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में सत्ता संतुलन बनाने की दृष्टि से अनुच्छेद 370 के बाद परिसीमन में बनी नई सीट अनंतनाग-राजोरी के लिए यूं तो अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन दिनोंदिन यहां बदलते समीकरणों से मुकाबला रोचक होता जा रहा है। दो पूर्व मुख्यमंत्रियों पीडीपी से महबूबा मुफ्ती और डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी से गुलाम नबी आजाद के मैदान में आने की घोषणा की जा चुकी है।

विज्ञापन


दोनों के लिए इस सीट पर जीतना प्रतिष्ठा का सवाल है। लगभग सभी दलों नेकां, पीडीपी, डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी, अपनी पार्टी ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं। अब निगाहें भाजपा के रुख पर टिकी हुई हैं। फिलहाल यह सीट नेकां के कब्जे में हैं। ऐसे में उसकी साख भी दांव पर है।
विज्ञापन


कश्मीर की राजनीति में नेकां और पीडीपी को धुर विरोधी माना जाता रहा है। अनुच्छेद 370 हटने के बाद बदली परिस्थितियों में दोनों एक मंच पर पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लरेशन (पीएजीडी) के जरिये आए। इस मंच का गठन भाजपा को रोकने तथा 370 निरस्त करने के फैसले को चुनौती देने के लिए किया गया था। बाद में दोनों इंडिया गठबंधन के हिस्सा भी बने लेकिन लोकसभा चुनाव में सीट बंटवारे को लेकर दोनों के बीच सहमति नहीं बन पाई और यह गठबंधन बिखर गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


दोनों की राहें जुदा हो गईं। अब जम्मू-कश्मीर की सबसे हॉट मानी जाने वाली सीट अनंतनाग-राजोरी के साथ ही घाटी की सभी तीन सीटों पर नेकां और पीडीपी आमने-सामने होगी।
 

अनंतनाग, बारामुला और श्रीनगर सीट पर कभी नेकां तो कभी पीडीपी रही काबिज

नब्बे के दशक के बाद के चुनावों पर नजर डालें तो कश्मीर में अनंतनाग, श्रीनगर व बारामुला में कभी पीडीपी तो कभी नेकां का कब्जा रहा है। इन दोनों के अलावा इस सीट पर किसी का कब्जा नहीं हो सका है। दक्षिण कश्मीर पीडीपी का गढ़ माना जाता रहा है। यहां पार्टी की दमदार उपस्थिति रही है। स्वयं महबूबा मुफ्ती 2004 और 2014 में अनंतनाग से लोकसभा में पहुंच चुकी हैं।

हालांकि, बदली परिस्थितियों में 2019 के चुनाव में उन्हें यहां से हार का सामना करना पड़ा। वह न केवल हारीं बल्कि कांग्रेस प्रत्याशी से भी पीछे रहते हुए तीसरे स्थान पर पहुंच गईं। यहां से नेकां के हसनैन मसूदी चुनाव जीत गए। उनके पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद भी यहां से सांसद रह चुके हैं।

राजोरी-पुंछ के 7.36 लाख वोटरों के हाथ रहेगी जीत की चाबी

अनुच्छेद 370 हटने के बाद जो परिसीमन हुआ उसमें अनंतनाग-राजोरी सीट में जम्मू संभाग के दो जिलों की सात विधानसभा सीटें जोड़ दी गईं। इसके अलावा शोपियां, कुलगाम व अनंतनाग की 11 सीटें हैं। पहले यह सीट विशुद्ध रूप से शोपियां, कुलगाम, अनंतनाग व पुलवामा को लेकर थी जिसमें मुस्लिम मतदाताओं का वर्चस्व था। अब इसमें पहाड़ी, गुज्जर व हिंदू वोटर भी जोड़े गए हैं। माना जा रहा है कि सत्ता की चाबी राजोरी-पुंछ के ही रास्ते मिलेगी। इस संसदीय सीट में कुल 18.33 लाख वोटर हैं। इनमें कश्मीर घाटी के 10.97 लाख तथा जम्मू के राजोरी व पुंछ के 7.36 लाख वोटर हैं। कश्मीर और जम्मू के बीच वोटों का अंतर 3.60 लाख है। इसलिए माना जा रहा है कि इन दो जिलों की सात विधानसभा क्षेत्रों में जिसकी पकड़ होगी वह सत्ता की दहलीज तक पहुंच सकता है।
 

महबूबा के लिए अस्तित्व बचाने के लिए उतरना था जरूरी

भाजपा के साथ गठबंधन की सरकार गिरने और बाद में एक-एक कर पीडीपी के साथियों के साथ छोड़ने के बाद अलग-थलग सी पड़ गई पीडीपी प्रमुख ने धीरे-धीरे संगठन को पटरी पर लाया। कश्मीर केंद्रित पार्टियों ने आपसी समन्वय से भाजपा के फैसलों के खिलाफ माहौल बनाना शुरू किया, लेकिन इसमें भी पीडीपी को अलग-थलग होना पड़ा। इंडिया गठबंधन में शामिल नेकां, पीडीपी व कांग्रेस में से नेकां और पीडीपी ने आपसी समझदारी से पांच सीटों का बंटवारा कर लिया। इसमें भी पीडीपी को कुछ हासिल नहीं हुआ। ऐसे में पार्टी नेता और कार्यकर्ता असहज होने लगे। इन्हें बचाए रखने के लिए पीडीपी को लोकसभा चुनाव में उतरने का फैसला करना पड़ा।

संसदीय सीट में यह विधानसभा सीटें

जैनापोरा (शोपियां जिला), डीएच पोरा, कुलगाम, देवसर (कुलगाम), डोरू, कोकरनाग, अनंतनाग वेस्ट, अनंतनाग, श्रीगूफवारा, शांगस व पहलगाम (अनंतनाग), नौशेरा, राजोरी, बुद्धल व थन्नामंडी (राजोरी) और सूरनकोट, पुंछ हवेली व मेंढर (पुंछ)
मतदाता

जिला पुरुष महिला कुल

  • शोपियां 53526 53335 106864
  • कुलगाम 162488 161311 323813
  • अनंतनाग 334714 331673 666390
  • राजोरी 202296 186572 388874
  • पुंछ 178265 169364 347630
  • कुल 931289 902255 1833571
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed