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लोकसभा चुनाव 2019: इजरायल के बराबर है जम्मू-कश्मीर की उधमपुर लोकसभा सीट का क्षेत्रफल
Sun, 17 Mar 2019 01:41 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sun, 17 Mar 2019 01:41 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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जम्मू-कश्मीर की उधमपुर लोकसभा सीट का क्षेत्रफल लगभग 20770 वर्ग किलोमीटर में फैली है जो इजरायल देश के बराबर है। इस संसदीय सीट के तहत छह जिलों की 17 विधानसभा सीटें आती हैं। जो छह जिले इस संसदीय सीटे के तहत आते हैं उनमें कठुआ, किश्तवाड़, रामबन, डोडा, रियासी व उधमपुर शामिल हैं।
जो विधानसभा सीटें इसमें शामिल हैं उनमें किश्तवाड़, इंद्रवाल, डोडा, भद्रवाह, रामबन, बनिहाल, गुलाबगढ़, रियासी, गूल,अरनास, चिनैनी, रामनगर, बनी, बसोहली, कठुआ, बिलावर व हीरानगर शामिल हैं।
भाजपा व कांग्रेस को ही भाती है यह सीट
1967 से 2014 तक इस संसदीय सीट पर 12 चुनाव हुए हैं। इनमें से आठ बार कांग्रेस व 4 बार भारतीय जनता पार्टी ने इस पर अपना परचम लहराया है। यहां हमेशा से कांग्रेस व भाजपा हमेशा सीधे मुकाबले में रही।
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तीन बार डॉ. कर्ण सिंह व तीन बार चमन लाल बने सांसद
इस संसदीय सीट की जनता के मूड का अनुमान लगाने के लिए हमें 1967 से 2014 तक के चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो पता चलता है कि यहां की जनता अपने जनप्रतिनिधि को जल्दी रिजेक्ट नहीं करती। 1967 में पहली बार जम्मू कश्मीर के पूर्व महाराजा हरी सिंह के पुत्र कर्ण सिंह कांग्रेस के टिकट पर इस सीट से मैदान में उतरे और विजयी रहे। उन्होेंने 1971 व 1977 में भी जीत हासिल की। इसके अलावा भाजपा के चमन लाल गुप्ता ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने 1996,98 व 99 में यहां से जीत दर्ज की। 2014 में यहां से भाजपा के डॉ. जितेंद्र सिंह विजयी हुए थे। जबकि 2004 व 2009 में कांग्रेस के टिकट पर चौधरी लाल सिंह विजयी हुए थे। 2014 के चुनाव में इस सीट पर मतदान 70 प्रतिशत हुआ था।
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जो विधानसभा सीटें इसमें शामिल हैं उनमें किश्तवाड़, इंद्रवाल, डोडा, भद्रवाह, रामबन, बनिहाल, गुलाबगढ़, रियासी, गूल,अरनास, चिनैनी, रामनगर, बनी, बसोहली, कठुआ, बिलावर व हीरानगर शामिल हैं।
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भाजपा व कांग्रेस को ही भाती है यह सीट
1967 से 2014 तक इस संसदीय सीट पर 12 चुनाव हुए हैं। इनमें से आठ बार कांग्रेस व 4 बार भारतीय जनता पार्टी ने इस पर अपना परचम लहराया है। यहां हमेशा से कांग्रेस व भाजपा हमेशा सीधे मुकाबले में रही।
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तीन बार डॉ. कर्ण सिंह व तीन बार चमन लाल बने सांसद
इस संसदीय सीट की जनता के मूड का अनुमान लगाने के लिए हमें 1967 से 2014 तक के चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो पता चलता है कि यहां की जनता अपने जनप्रतिनिधि को जल्दी रिजेक्ट नहीं करती। 1967 में पहली बार जम्मू कश्मीर के पूर्व महाराजा हरी सिंह के पुत्र कर्ण सिंह कांग्रेस के टिकट पर इस सीट से मैदान में उतरे और विजयी रहे। उन्होेंने 1971 व 1977 में भी जीत हासिल की। इसके अलावा भाजपा के चमन लाल गुप्ता ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने 1996,98 व 99 में यहां से जीत दर्ज की। 2014 में यहां से भाजपा के डॉ. जितेंद्र सिंह विजयी हुए थे। जबकि 2004 व 2009 में कांग्रेस के टिकट पर चौधरी लाल सिंह विजयी हुए थे। 2014 के चुनाव में इस सीट पर मतदान 70 प्रतिशत हुआ था।