लॉकडाउनः सरकारी कर्मचारियों का वेतन अटका, वर्क फ्रॅाम होम करने के बावजूद शिक्षकों को वेतन नहीं
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कोरोना महामारी के कारण घोषित लॉकडाउन में सरकारी कर्मचारियों का मार्च महीने का वेतन भी अटक गया है। अप्रैल महीने की आठ तारीख बीतने के बाद भी इनका वेतन अब तक जारी नहीं हुआ है। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि वेतन रोका नहीं गया है। कर्मचारियों के वेतन बिल तैयार न होने की वजह से कई विभागों में परेशानी हो सकती है।
नागरिक सचिवालय सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारी परेशान हैं। कोरोना वायरस के खौफ और ऊपर से लॉकडाउन के चलते यहां राशन से लेकर अन्य जरूरी वस्तुओं की खरीद के लिए वेतन में देरी ने दिक्कत बढ़ा दी है।
सचिवालय के एक कर्मचारी ने बताया कि 31 तारीख को वेतन जारी होता था। इस बार उम्मीद थी कि जल्दी आएगा लेकिन यह तो आने का नाम नहीं ले रहा। अस्थायी कर्मचारियों का तो नियमित कर्मचारियों से भी बुरा हाल है। उन्हें न तो वेतन जारी हो रहा हैं और न ही सरकार ने लंबित देनदारी जारी करने की कवायद शुरू की है।
वर्क फ्रॅाम होम के बावजूद शिक्षकों को वेतन नहीं
वहीं, इस संबंध में वित्त विभाग के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि सरकार की तरफ से कर्मचारियों को वेतन जारी करने में कहीं भी बाधा या मनाही नहीं है। कर्मचारियों को अगर अभी तक वेतन नहीं मिला है तो इसके जिम्मेदार बिल तैयार करने वाला स्टाफ है।
वर्क फ्रॅाम होम के बावजूद शिक्षकों को वेतन नहीं
जम्मू में कई निजी स्कूल अपने शिक्षकों से वर्क फ्रॉम होम करवा रहे हैं और व्हॉटसएप के माध्यम से बच्चों के अभिभावकों के नंबर पर रुटीन में होमवर्क जा रहा है ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई में कोई परेशानी न हो। इस कार्य में शिक्षकों का काफी समय देना पड़ रहा है।
इसके बावजूद जब वेतन जारी करने की बात हो रही है तो स्कूल मालिक अभी इंतजार करने की बात कर रहे हैं। निजी स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि डीसी सुषमा चौहान से इस संबंध में कड़ा संज्ञान लेने स्कूल मालिकों की मनमर्जी और कर्मचारी विरोधी रवैये के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है।