{"_id":"58a69f484f1c1bd257d85187","slug":"local-supporting-terrorist-to-flee-away-in-burden","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'दबाव में आतंकियों को भागने में मदद कर रहे स्थानीय लोग'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'दबाव में आतंकियों को भागने में मदद कर रहे स्थानीय लोग'
ब्यूरो,अमर उजाला/जम्मू
Updated Fri, 17 Feb 2017 12:30 PM IST
विज्ञापन
घाटी में हिंसक प्रदर्शन
- फोटो : फाइल फोटो
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत के बयान के बाद वीरवार को सीआरपीएफ ने कहा कि स्थानीय लोग आतंकियों के दबाव में आकर उन्हें मुठभेड़ स्थलों से भागने में मदद करते हैं। सीआरपीएफ के आईजी (ऑपरेशंस) जुल्फिकार हसन ने कहा कि सुरक्षा बलों की हमेशा कोशिश रहती है कि वे भीड़भाड़ वाले इलाके में संयम बरतें ताकि जानी नुकसान न हो।
विज्ञापन
लेकिन, यह जरूरी है कि स्थानीय लोगों को भी आतंकियों के दबाव में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाल में हुए कुछ ऑपरेशन के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बलों को नुकसान उठाना पड़ा, जहां जवानों ने संयम बरता। लोग दबाव में आकार सुरक्षा बलों का घेरा तोड़ने की कोशिश करते हैं, ताकि आतंकियों को भागने में मदद दे सकें ।
विज्ञापन
उन्होंने यह भी कहा कि मुठभेड़ों के दौरान सुरक्षा बलों को आतंकवादियों के अलावा पत्थरबाजी का भी सामना करना पड़ता है। इससे उनके ऑपरेशन में खलल पड़ता है। इसलिए उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आतंकियों के दबाव में न आएं।
विज्ञापन
Trending Videos
सेना प्रमुख विपिन रावत के बयान के बाद आई प्रतिक्रिया
सेना प्रमुख बिपिन रावत
- फोटो : फाइल फोटो
हाल ही में मंगलवार को ऐसी ही स्थिति के दौरान सीआरपीएफ की 45वीं बटालियन के कमांडेंट चेतन कुमार चिताह बांदीपोरा में हुई मुठभेड़ के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें बाद में दिल्ली एयरलिफ्ट किया गया और अब उनका इलाज दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
गौरतलब है कि सेना प्रमुख ने अपने बयान में यह कहा है कि स्थानीय लोगों की ओर से मुठभेड़ स्थलों पर हिंसा भड़काए जाने से उन्हें काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जो कोई भी आतंकियों की मदद करता या उनकी ढाल बनता नजर आएगा उसे आतंकियों का ओवर ग्राउंड वर्कर मानते हुए उसके साथ वैसा ही बर्ताव होगा।
गौरतलब है कि सेना प्रमुख ने अपने बयान में यह कहा है कि स्थानीय लोगों की ओर से मुठभेड़ स्थलों पर हिंसा भड़काए जाने से उन्हें काफी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि जो कोई भी आतंकियों की मदद करता या उनकी ढाल बनता नजर आएगा उसे आतंकियों का ओवर ग्राउंड वर्कर मानते हुए उसके साथ वैसा ही बर्ताव होगा।