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Jammu News: बिना गारंटी अब 20 लाख तक कर्ज, छोटे उद्योगों को बड़ी राहत
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जम्मू। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) के लिए बिना गारंटी कर्ज की सीमा दोगुनी कर 20 लाख रुपये की है। पहले कर्ज 10 लाख रुपये लिया जा सकता था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सोमवार को जम्मू में आयोजित एमएसएमई जागरूकता शिविर में उद्यमियों को बदलाव समेत कारोबार से जुड़ी नई वित्तीय सुविधाओं की जानकारी दी।
शिविर में करीब 160 उद्यमियों ने हिस्सा लिया। आरबीआई अधिकारियों ने बताया कि कर्ज सीमा बढ़ने से छोटे कारोबारियों को कारोबार बढ़ाने, नई इकाइयां स्थापित करने और पूंजी की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (टीआरईडीएस) के बारे में भी विस्तार से बताया गया। अधिकारियों के अनुसार इस प्लेटफॉर्म के जरिये छोटे उद्योग बकाया बिलों के आधार पर समय से पहले धन प्राप्त कर सकते हैं। आरबीआई ने एमएसएमई को टीआरईडीएस से जोड़ने की प्रक्रिया भी आसान बनाई है, जिससे अधिक उद्यमी लाभ उठा सकेंगे।
शिविर में यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (यूएलआई) की जानकारी भी दी। यह व्यवस्था कर्ज मंजूरी की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने में मदद करेगी। इसके अलावा उद्यमियों को बैंक ऋण, जरूरी दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया, डिजिटल भुगतान और औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के फायदे बताए।
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कार्यक्रम में आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक चंद्रशेखर आजाद और जेके बैंक के एमडी अमिताब चटर्जी अतिथि के रूप में मौजूद रहे। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत एमएसएमई की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। आसान कर्ज, डिजिटल सुविधाओं और नई वित्तीय व्यवस्थाओं से प्रदेश में उद्यमिता और रोजगार के अवसरों को और बढ़ावा मिलेगा।
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शिविर में करीब 160 उद्यमियों ने हिस्सा लिया। आरबीआई अधिकारियों ने बताया कि कर्ज सीमा बढ़ने से छोटे कारोबारियों को कारोबार बढ़ाने, नई इकाइयां स्थापित करने और पूंजी की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम (टीआरईडीएस) के बारे में भी विस्तार से बताया गया। अधिकारियों के अनुसार इस प्लेटफॉर्म के जरिये छोटे उद्योग बकाया बिलों के आधार पर समय से पहले धन प्राप्त कर सकते हैं। आरबीआई ने एमएसएमई को टीआरईडीएस से जोड़ने की प्रक्रिया भी आसान बनाई है, जिससे अधिक उद्यमी लाभ उठा सकेंगे।
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शिविर में यूनिफाइड लेंडिंग इंटरफेस (यूएलआई) की जानकारी भी दी। यह व्यवस्था कर्ज मंजूरी की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने में मदद करेगी। इसके अलावा उद्यमियों को बैंक ऋण, जरूरी दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया, डिजिटल भुगतान और औपचारिक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के फायदे बताए।
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कार्यक्रम में आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक चंद्रशेखर आजाद और जेके बैंक के एमडी अमिताब चटर्जी अतिथि के रूप में मौजूद रहे। चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में प्रदेश में उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत एमएसएमई की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। आसान कर्ज, डिजिटल सुविधाओं और नई वित्तीय व्यवस्थाओं से प्रदेश में उद्यमिता और रोजगार के अवसरों को और बढ़ावा मिलेगा।