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जम्मू-कश्मीर: अगले पांच साल के लिए कृषि का रोडमैप तैयार, एलजी बोले- पांच हजार करोड़ होंगे खर्च

Thu, 22 Dec 2022 04:21 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: विमल शर्मा Updated Thu, 22 Dec 2022 04:21 AM IST
सार

उप राज्यपाल ने कहा कि कृषि उत्पादन 28142 करोड़ रुपये से अधिक बढ़कर 65700 करोड़ रुपये प्रति वर्ष हो जाएगा जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्रीय विकास दर में 11 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इस हस्तक्षेप से 2.8 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान होंगे।

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LG said, the roadmap for agriculture is ready for the next five years, five thousand crores will be spent
जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा। - फोटो : पीआरओ

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में अब आकांक्षी शहर व पंचायतें बनेंगी। इनके बीच प्रतियोगिताएं होंगी। प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वालों को पुरस्कृत और प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का कोष स्थापित किया गया है। साथ ही पूरे प्रदेश में सबसे पिछड़ी 285 पंचायतें (प्रति ब्लॉक एक पंचायत ) चिह्नित की जाएंगी, जिनके विकास के लिए अलग से काम होगा। जम्मू-कश्मीर के कृषि क्षेत्र के लिए पांच वर्ष का रोडमैप तैयार किया गया है, जिस पर 5013 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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उप राज्यपाल ने बुधवार को जम्मू कन्वेंशन सेंटर में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास, आकांक्षी नगर विकास कार्यक्रम (एटीडीपी) और आकांक्षी पंचायत विकास कार्यक्रम (एपीडीपी) की घोषणा की। इसके साथ ही 29 परियोजना प्रस्तावों के कार्यान्वयन को प्रशासनिक अनुमोदन प्रदान किया गया। 
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जम्मू-कश्मीर में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए एक केंद्र शासित प्रदेश स्तरीय शीर्ष समिति द्वारा अनुशंसित 29 परियोजना प्रस्तावों के कार्यान्वयन को प्रशासनिक अनुमोदन प्रदान किया गया है। आईसीएआर के पूर्व महानिदेशक डॉ. मंगला राय की अध्यक्षता वाली इस समिति ने पांच माह के रिकार्ड समय में एपीडी के दायरे में सभी क्षेत्रों को शामिल करते हुए 29 परियोजनाओं के रूप में एक व्यापक योजना बनाई है।
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इन योजनाओं पर पांच हजार से अधिक करोड़ का परिव्यय आंका गया है। कृषि और संबद्ध क्षेत्र जम्मू कश्मीर के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में अठारह प्रतिशत से अधिक का योगदान करते हैं जो प्रतिवर्ष 37600 करोड़ रुपये होता है और 13 लाख से अधिक परिवारों को आजीविका प्रदान करते हैं।

उप राज्यपाल ने कहा कि कृषि उत्पादन 28142 करोड़ रुपये से अधिक बढ़कर 65700 करोड़ रुपये प्रति वर्ष हो जाएगा जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्रीय विकास दर में 11 प्रतिशत की वृद्धि होगी। इस हस्तक्षेप से 2.8 लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान होंगे।

लगभग 19000 उद्यम स्थापित किए जाएंगे। 2.5 लाख से अधिक लोग बीज उत्पादन, सब्जियों की स्टीक खेती, मधुमक्खी पालन, कोकून उत्पादन, मशरूम की खेती, एकीकृत व जैविक कृषि, उच्च घनत्व वाले फलों की खेती से लेकर प्रसंस्करण, डेयरी भेड़ और पशुपालन के विभिन्न कृषि उद्यमों में कुशल होंगे। 

आकांक्षी पंचायत विकास कार्यक्रम, नौ क्षेत्रों में संकेतकों की पहचान होगी  

इस कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्रों में बसे लोगों के जीवन से संबंधित सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के लिए पंचायत विकास सूचकांक तैयार किया जाएगा। यह कवायद एस्पिरेशनल (आकांक्षी) ब्लॉक डेवलपमेंट कार्यक्रम की तर्ज पर की जाएगी। इसमें कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए 6 संकेतक, स्वास्थ्य व पोषण के लिए 11, शिक्षा के लिए 13, ग्रामीण विकास और स्वच्छता के लिए 7, लाभार्थी उन्मुख योजनाओं के लिए 4, कौशल विकास के लिए 4, बुनियादी ढांचे के लिए 17, पर्यावरण के लिए 5, सुशासन के लिए 33 संकेतक होंगे।

इनमें 9 क्षेत्रों में 100 संकेतकों की पहचान की जाएगी। इन क्षेत्रों के महत्व के आधार पर ग्रामीण आबादी के जीवन में प्रासंगिकता के अनुसार प्रत्येक क्षेत्र और उप संकेतकों को महत्व दिया जाएगा। इन महत्वाकांक्षी पंचायतों को विभिन्न जिला/संघ शासित प्रदेशों की योजनाओं और केंद्र प्रायोजित योजनाओं व कार्यक्रमों के अभिसरण के माध्यम से विकसित किया जाएगा। चयनित पंचायतों को विकास के लिए 10 लाख रुपये मिलेंगे। इनमें कुल 4291 पंचायतों में से सबसे पिछड़ी पंचायतों का चयन किया जाएगा।

आकांक्षी नगर विकास कार्यक्रम, नगरपालिकाओं को अतिरिक्त अनुदान मदद मिलेगी 

इस कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर नगर पालिकाओं में सुधारों के उपक्रम को प्रोत्साहित करने के लिए एस्पिरेशनल टाउन डेवलपमेंट प्रोग्राम (एटीडीपी), शहरी सुधार प्रोत्साहन कोष (यूआरआईएफ) और विभिन्न नगर पालिकाओं की रेटिंग के लिए आकलन ढांचे को विकसित किया जाएगा।

मूल्यांकन ढांचा सात वर्टिकल/स्तंभों में नगरपालिकाओं के क्षेत्रीय प्रदर्शन की जांच करता है। इसमें आर्थिक क्षमता, तकनीकी, शहरी नियोजन, शासन, स्थिरता, जलवायु लचीलापन, नागरिक धारणा आदि सहित 37 क्षेत्र/श्रेणियां और 138 संकेतक शामिल हैं।



इन नगरपालिकाओं के प्रदर्शन के आधार पर जम्मू कश्मीर एमडीआई-2022 के तहत निर्धारित बेंचमार्क और सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली नगरपालिकाओं को यूआरआईएफ (शहरी सुधार प्रोत्साहन निधि) के रूप में अतिरिक्त अनुदान सहायता के माध्यम से प्रोत्साहित किया जाएगा।    
 

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