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जम्मू कश्मीर: उपराज्यपाल ने कहा- शिक्षा का वास्तविक अर्थ अपने भीतर की आवाज को खोजना
Sun, 12 Feb 2023 11:46 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू कश्मीर
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sun, 12 Feb 2023 11:46 AM IST
सार
एलजी मनोज सिन्हा ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर अंतर ध्वनि होती है। जब वह इस संसार के अनुकूल कदम बढ़ाने लगता है तो वह शिक्षित होता है।
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LG Manoj Sinha
- फोटो : संवाद
विस्तार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि छात्रों को अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए अपने भीतर की ध्वनि को पहचाना चाहिए। शिक्षा की सरल परिभाषा यह जीवन की व्यक्तिगत यात्रा है। अंतर मन की यात्रा है। प्रत्येक व्यक्ति के भीतर अंतर ध्वनि होती है। जब वह इस संसार के अनुकूल कदम बढ़ाने लगता है तो वह शिक्षित होता है। हम दिन प्रतिदिन चाहते हैं कि इस ध्वनि को बेहतर ढंग से पकड़ा जा सके। युवा भी इस अंतर मन की ध्वनि का ज्ञान करके सफलता हासिल कर सकते हैं। उपराज्यपाल जेएसएस साइंस एंड टेक्नोलाजी मैसूर के हीरक जयंती समारोह में बोल रहे थे।
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उपराज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी को आठ वर्ष की आयु में ही अपने भीतर की ध्वनि का ज्ञान हो गया था। वह सत्यवादी महाराजा हरीश चंद्र नाटक से प्रभावित हुए और उनके भीतर की ध्वनि जाग गई। उन्होंने समझ लिया कि वह जीवन भर सत्य के साथ खड़ा रहेंगे। इस प्रतित्ज्ञा के साथ स्वतंत्रता संग्राम की अगुवाई की। इसी तरह कबीर, तेंदुलकर जैसे महान लोगों को भी अपने अंतर ध्वनि का ज्ञान हुआ था। ध्वनि की खोज में खुद को समर्पित करना होता है।
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भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। जी20 की अध्यक्षता से एक विश्व, एक परिवार और एक भविष्य के संदेश दिया जा रहा है। आज भी भारत अपनी परंपरा को कायम रखते हुए धरती के प्रत्येक नागरिक के कल्याण के लिए चिंतित है। हम पूरे विश्व को अपना परिवार मानते हैं। सदियों से हमारा यही इतिहास रहा है। लेकिन भारत को मात्र इतिहास और भुगोल के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। भारत का सदियों का एक ही उद्देश्य रहा है जो परम शांति है।
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