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जम्मू: कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के लिए सरकार प्रतिबद्ध, नौकरी-आवास ही नहीं और भी उपाय किए जा रहे- उपराज्यपाल
Sat, 26 Mar 2022 08:21 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Sat, 26 Mar 2022 08:21 AM IST
सार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि केवल नौकरी और आवास समाधान नहीं है। हम और भी उपाय कर रहे हैं। हमने विस्थापितों की भूमि वापसी के लिए पोर्टल बनाया है, जिसमें 70 फीसदी शिकायतों का निपटारा हो चुका है।
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LG Manoj Sinha
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास व कल्याण के लिए केंद्र और प्रदेश सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री विकास पैकेज के तहत घाटी के विभिन्न स्थानों पर 6000 ट्रांजिट आवास में से 1025 बनकर तैयार हैं। 1488 तैयार होने के कगार पर हैं। शेष का काम जल्द शुरू होगा। इसके साथ ही छह हजार पदों में से 4678 पद पर भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जून तक सभी पदों को भर लिया जाएगा। जम्मू में शुक्रवार को वह पत्रकारों से बात कर रहे थे।
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घाटी में कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास और नब्बे के दशक में कश्मीर घाटी व जम्मू संभाग में हुए नरसंहार के लिए जांच आयोग के सवाल पर एलजी ने कहा कि सरकार कहना नहीं, बल्कि कुछ करना चाहती है। उन्होंने कहा, केवल नौकरी और आवास समाधान नहीं है। हम और भी उपाय कर रहे हैं। हमने विस्थापितों की भूमि वापसी के लिए पोर्टल बनाया है, जिसमें 70 फीसदी शिकायतों का निपटारा हो चुका है। शेष मामले राजस्व अदालतों में हैं। रोजगार के अवसर प्रदेश के हर नागरिक को देने की मंशा है। नरसंहार के लिए जांच आयोग पर कहा कि इस बहुत से बयान आ रहे हैं। मैं कहना चाहता हूं कि आप देखिए आगे क्या होता है।
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छह महीने में 70 हजार करोड़ निवेश लाने का लक्ष्य
कहा कि अभी तीन दिन पहले खाड़ी देशों से उद्यमियों का 34 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल श्रीनगर आया था और जम्मू-कश्मीर में व्यापक निवेश पर गंभीर चर्चा हुई है। 27 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है और अगले छह महीने में 70 हजार करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। इस साल के बजट में सुशासन, कृषि तथा बागवानी, ऊर्जा, ग्रामीण विकास, औद्योगिक विकास, कनेक्टिविटी, हर घर नल से जल, शिक्षा, युवा, पर्यटन, स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा पर फोकस किया गया है।
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शहरी निकायों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 357 करोड़
धरातल पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए 1313 करोड़ रुपये पंचायती राज संस्थानों और शहरी स्थानीय निकायों को दिए गए हैं। सभी 20 डीडीसी के लिए 200 करोड़ दिए गए हैं यानि प्रत्येक डीडीसी को 10 करोड़ रुपये विकास के लिए दिया गया है। सभी बीडीसी को 71.25 करोड़ रुपये दिया गया है यानि प्रत्येक बीडीसी को 25 लाख रुपये डेवलपमेंट फंड के रूप में दिया गया है। इस वर्ष स्वच्छ अभियान के अंतर्गत मेरा गांव स्वच्छ गांव चलाया जा रहा है। 357 करोड़ रुपये की धनराशि जम्मू तथा श्रीनगर नगर निगम के साथ अन्य सभी 78 शहरी स्थानीय निकाय में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए आवंटित की गई है।
चिनाब पर सबसे ऊंचा रेलवे पुल सितंबर में होगा तैयार
जम्मू-कश्मीर में रोड तथा पुल की व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए इस वर्ष 6296 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है। इस वर्ष चार नेशनल हाईवे जम्मू-अखनूर रोड, चिनैनी-सुद्धमहादेव, बारामुला-गुलमर्ग तथा सेमी रिंग रोड जम्मू पूरा कर लिए जाएंगे। दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा एक्स्प्रेस वे के अतिरिक्त भारतमाला परियोजना के अंतर्गत 10 नए रोड तथा टनल प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। चिनाब नदी पर बन रहे दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे ब्रिज का निर्माण कार्य भी इस साल सितंबर में पूरा कर लिया जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में 6000 किलोमीटर रोड के मैक्डमाइजेशन का लक्ष्य रखा गया है।
20323 पदों पर जल्द होंगी भर्तियां
उप राज्यपाल ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में बिल्कुल पारदर्शी तरीके से 11000 नियुक्तियां की गई हैं। पहली बार वंचित वर्गों के मेधावी उम्मीदवारों को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरी मिली है। इसके अलावा 20323 अन्य पदों को चिह्नित कर भर्ती के लिए भेज दिया गया है। इस वर्ष बजट में उद्यमी बनने के इच्छुक युवा लड़के-लड़कियों को आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए 200 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है।