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जम्मू-कश्मीर: नशे को जड़ से खत्म करने को सामूहिक लड़ाई लड़नी होगी- एलजी मनोज सिन्हा
Fri, 02 Sep 2022 10:21 AM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Fri, 02 Sep 2022 10:21 AM IST
सार
प्रदेश में नशामुक्त अभियान के आगाज पर उपराज्यपाल ने नशे के प्रति जागरूक करने वाले स्वस्थ रथ और पुलिस की बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
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एलजी मनोज सिन्हा
- फोटो : पीआरओ
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विस्तार
नशे को जड़ से खत्म करने के लिए एक सामूहिक लड़ाई लड़नी होगी। इसमें समाज के हर वर्ग को शामिल होना होगा। इसके लिए नशा मुक्त शहर और नशा मुक्त गांव अभियान का आगाज किया गया है, जिससे नशामुक्त जम्मू कश्मीर का निर्माण होगा। यह बातें उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू के कन्वेंशन सेंटर में नशा मुक्त अभियान के आगाज पर कहीं।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों को भी प्रशासन के साथ मिलकर काम करना होगा और सुनिश्चित करें कि गांवों और वार्डों को निर्धारित प्रयास और सक्रिय दृष्टिकोण के साथ नशा मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने सरपंचों से कहा कि वह अपने अपने गांव में नशामुक्त अभियान चलाएं। रही बात सरकार की तो प्रशासन ने नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, जिसका असर जल्द ही दिखेगा।
प्रदेश में नशामुक्त अभियान के आगाज पर उपराज्यपाल ने नशे के प्रति जागरूक करने वाले स्वस्थ रथ और पुलिस की बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आयोजित कार्यक्रम में बड़े स्तर पर सरपंच-पंच और स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया। मुख्य सचिव अरुण मेहता, सूचना विभाग के आयुक्त सचिव रोहित कंसल, सामाजिक कल्याण विभाग की आयुक्त सचिव शीतल नंदा के अलावा कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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नाटक के जरिये नशे पर प्रहार
कार्यक्रम के दौरान नशे पर एक नाटक, डाक्युमेंट्री भी स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों की ओर से पेश की गई। साइंस कॉलेज जम्मू के छात्रों की ओर से नशे से संबंधित स्किट पेश की गई। इसमें बताया गया कि कैसे एक युवा नशे के दलदल में फंसकर धीरे धीरे अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेता है। यह भी बताया गया कि इसका असर उसके परिवार पर कैसे पड़ता है। इसके माध्यम से कार्यक्रम में मौजूद लोगों और बच्चों को नशे के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा डोगरी गायक सोनाली डोगरा ने भी नशे के प्रति जागरूक किया।
नशे के खिलाफ ली शपथ
नशामुक्त अभियान के मौके पर मौजूद तमाम लोगों ने उपराज्यपाल के साथ शपथ ली कि वह नशा नहीं करेंगे और इस बुराई के खिलाफ लड़ाई में शामिल होंगे। शपथ दिलाई गई कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे और इसे रोकने के लिए अपना योगदान देंगे।
सर्वे रिपोर्ट को लांच किया
इस मौके पर मादक द्रव्यों के सेवन विकारों की व्यापकता और पैटर्न के संबंध में सर्वेक्षण रिपोर्ट की ई लांचिंग भी की गई। इसके तहत प्रभावित लोगों का रिकार्ड जुटाया जाएगा।
लड़कियों के लिए नशामुक्ति केंद्र खोलें
उपराज्यपाल ने समाज कल्याण विभाग को लड़कियों के लिए नशामुक्ति केंद्र और किशोर केंद्रों को जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने और अधिक एकीकृत पुनर्वास केंद्र स्थापित करने और उनकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। बता दें कि मौजूदा समय में कई लड़कियां भी नशे की दलदल में फंस चुकी हैं। हर साल15 लड़कियां नशे के दलदल में फंसकर नशामुक्ति केंद्र में पंजीकृत होकर उपचार करा रही हैं।
पाकिस्तान भेज रहा नशा
उपराज्यपाल ने कहा कि नशा हमारे सामाजिक-आर्थिक ढांचे के लिए एक भयानक खतरा बनकर उभरा है। यह आवश्यक है कि इस खतरे को खत्म करने के लिए पूरे समाज को एक साथ आना चाहिए। जम्मू-कश्मीर को स्वस्थ और नशा मुक्त बनाने के लिए एक मजबूत इकाई के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ पड़ोसी देश के दुर्भावनापूर्ण इरादों को विफल करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है, क्योंकि पड़ोसी मुल्क से बड़े स्तर पर नशा भेजकर प्रदेश के युवाओं को खोखला करने का प्रयास किया जा रहा है।
नशे के खिलाफ लड़ाई में जम्मू-कश्मीर देश में दूसरे स्थान पर
एलजी ने कहा, नशा विरोधी अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर को देश में दूसरा स्थान दिया गया है। गृह मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया है। पिछले दो वर्षों में, हम जम्मू-कश्मीर के 10 प्रमुख रूप से प्रभावित जिलों में नशा मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए एक जन आंदोलन चला रहे हैं। मेरा मानना है कि हमारी रैंकिंग भी जनभागीदारी की इस भावना का परिणाम है। हालांकि, समाज से नशीली दवाओं के खतरे को खत्म करने के लिए इस दिशा में बहुत कुछ करने की जरूरत है।
इस दिशा में हमारी पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही है और हमें ड्रग डीलरों और ड्रग तस्करों के पूरे नेटवर्क को नष्ट करने के अपने संकल्प को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं की बरामदगी से संकेत मिलता है कि हमारी रणनीति कारगर साबित हो रही है।
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उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के प्रतिनिधियों को भी प्रशासन के साथ मिलकर काम करना होगा और सुनिश्चित करें कि गांवों और वार्डों को निर्धारित प्रयास और सक्रिय दृष्टिकोण के साथ नशा मुक्त बनाया जाएगा। उन्होंने सरपंचों से कहा कि वह अपने अपने गांव में नशामुक्त अभियान चलाएं। रही बात सरकार की तो प्रशासन ने नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, जिसका असर जल्द ही दिखेगा।
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प्रदेश में नशामुक्त अभियान के आगाज पर उपराज्यपाल ने नशे के प्रति जागरूक करने वाले स्वस्थ रथ और पुलिस की बाइक रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आयोजित कार्यक्रम में बड़े स्तर पर सरपंच-पंच और स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया। मुख्य सचिव अरुण मेहता, सूचना विभाग के आयुक्त सचिव रोहित कंसल, सामाजिक कल्याण विभाग की आयुक्त सचिव शीतल नंदा के अलावा कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
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नाटक के जरिये नशे पर प्रहार
कार्यक्रम के दौरान नशे पर एक नाटक, डाक्युमेंट्री भी स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों की ओर से पेश की गई। साइंस कॉलेज जम्मू के छात्रों की ओर से नशे से संबंधित स्किट पेश की गई। इसमें बताया गया कि कैसे एक युवा नशे के दलदल में फंसकर धीरे धीरे अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेता है। यह भी बताया गया कि इसका असर उसके परिवार पर कैसे पड़ता है। इसके माध्यम से कार्यक्रम में मौजूद लोगों और बच्चों को नशे के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा डोगरी गायक सोनाली डोगरा ने भी नशे के प्रति जागरूक किया।
नशे के खिलाफ ली शपथ
नशामुक्त अभियान के मौके पर मौजूद तमाम लोगों ने उपराज्यपाल के साथ शपथ ली कि वह नशा नहीं करेंगे और इस बुराई के खिलाफ लड़ाई में शामिल होंगे। शपथ दिलाई गई कि नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएंगे और इसे रोकने के लिए अपना योगदान देंगे।
सर्वे रिपोर्ट को लांच किया
इस मौके पर मादक द्रव्यों के सेवन विकारों की व्यापकता और पैटर्न के संबंध में सर्वेक्षण रिपोर्ट की ई लांचिंग भी की गई। इसके तहत प्रभावित लोगों का रिकार्ड जुटाया जाएगा।
लड़कियों के लिए नशामुक्ति केंद्र खोलें
उपराज्यपाल ने समाज कल्याण विभाग को लड़कियों के लिए नशामुक्ति केंद्र और किशोर केंद्रों को जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने और अधिक एकीकृत पुनर्वास केंद्र स्थापित करने और उनकी प्रभावशीलता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। बता दें कि मौजूदा समय में कई लड़कियां भी नशे की दलदल में फंस चुकी हैं। हर साल15 लड़कियां नशे के दलदल में फंसकर नशामुक्ति केंद्र में पंजीकृत होकर उपचार करा रही हैं।
पाकिस्तान भेज रहा नशा
उपराज्यपाल ने कहा कि नशा हमारे सामाजिक-आर्थिक ढांचे के लिए एक भयानक खतरा बनकर उभरा है। यह आवश्यक है कि इस खतरे को खत्म करने के लिए पूरे समाज को एक साथ आना चाहिए। जम्मू-कश्मीर को स्वस्थ और नशा मुक्त बनाने के लिए एक मजबूत इकाई के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार पुलिस, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ पड़ोसी देश के दुर्भावनापूर्ण इरादों को विफल करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है, क्योंकि पड़ोसी मुल्क से बड़े स्तर पर नशा भेजकर प्रदेश के युवाओं को खोखला करने का प्रयास किया जा रहा है।
नशे के खिलाफ लड़ाई में जम्मू-कश्मीर देश में दूसरे स्थान पर
एलजी ने कहा, नशा विरोधी अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर को देश में दूसरा स्थान दिया गया है। गृह मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया है। पिछले दो वर्षों में, हम जम्मू-कश्मीर के 10 प्रमुख रूप से प्रभावित जिलों में नशा मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए एक जन आंदोलन चला रहे हैं। मेरा मानना है कि हमारी रैंकिंग भी जनभागीदारी की इस भावना का परिणाम है। हालांकि, समाज से नशीली दवाओं के खतरे को खत्म करने के लिए इस दिशा में बहुत कुछ करने की जरूरत है।
इस दिशा में हमारी पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाकर नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चला रही है और हमें ड्रग डीलरों और ड्रग तस्करों के पूरे नेटवर्क को नष्ट करने के अपने संकल्प को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में बड़ी मात्रा में नशीली दवाओं की बरामदगी से संकेत मिलता है कि हमारी रणनीति कारगर साबित हो रही है।