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Bhagat Singh: शहीद भगत सिंह की 115वीं जयंती आज, LG बोले- साहस और सर्वोच्च बलिदान हमेशा प्रेरित करता रहेगा
Wed, 28 Sep 2022 01:33 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 28 Sep 2022 01:33 PM IST
सार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि भारत को स्वतंत्र कराने के लिए उनकी वीरता और समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा।
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Shaheed Bhagat Singh
- फोटो : social media
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विस्तार
शहीद ए आजम भगत सिंह की आज 115वीं जयंती है। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजली दी। उन्होंने कहा कि भारत को स्वतंत्र कराने के लिए उनकी वीरता और समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा।
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उपराज्यपाल ने कहा, 'मां भारती के महान सपूत शहीद भगत सिंह को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन। भारत की स्वतंत्रता के प्रति उनकी वीरता और समर्पण के लिए उन्हें इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा। उनका साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान हर भारतीय को प्रेरित करता रहेगा।'
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शहीद भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर 1907 में हुआ था। देश को आजादी दिलाने के लिए भगत सिंह ने अंग्रेजों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अंग्रेज अधिकारियों से टक्कर लेने वाले भगत सिंह को सेंट्रल असेंबली में बम फेंकने के लिए गिरफ्तार कर लिया गया था। जेल में अंग्रेजी हुकूमत की प्रताड़ना झेलने के बाद भी भगत सिंह ने आजादी का मांग को जारी रखा। कोर्ट में केस के दौरान उन्हें मौका मिला कि वह देशभर में आजादी की आवाज को पहुंचा सकें। उन्हें अंग्रेजों ने फांसी की सजा सुनाई थी और तय तारीख से एक दिन पहले यानी 23 मार्च 1931 को भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दे दी थी।
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