{"_id":"60fc67808ebc3ef75859a7f2","slug":"lg-inaugurated-new-boys-hostel-jammu-city-news-jmu2401467179","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: उप-राज्यपाल ने कहा: अवैध कब्जे हटाकर जंगल पर आश्रितों को दिलाएं अधिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: उप-राज्यपाल ने कहा: अवैध कब्जे हटाकर जंगल पर आश्रितों को दिलाएं अधिकार
Sun, 25 Jul 2021 12:48 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jul 2021 12:48 AM IST
सार
उप-राज्यपाल ने कहा कि हमारी बड़ी आबादी कृषि और कृषि वानिकी पर निर्भर है। हमारे वन संसाधनों की रक्षा और वन उत्पादों को नई निवेश नीति में एकीकृत करके ही गांवों, वनवासियों और कृषक समुदायों के तेजी से विकास का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
विज्ञापन
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा है कि जंगलों में हुए बड़े कब्जों को तत्काल हटाया जाए। यह भी ध्यान रखा जाए कि केवल छोटे स्तर के कब्जों पर ही कार्रवाई न सीमित हो। इस पूरी कार्रवाई के दौरान वन अधिकार अधिनियम के तहत वनवासियों के अधिकार संरक्षित करें। उप-राज्यपाल कश्मीर कृषि विश्वविद्यालय (स्कॉस्ट) के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सरकार ने वानिकी, कृषि व बागवानी उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उत्पादों की जीआई टैगिंग की जाए। रियायती दरों पर यहां के उत्पाद वैश्विक बाजार तक पहुंचाने के लिए हवाई सेवा शुरू की गई है। अब रात को भी कारगो उड़ानें शुरू होने जा रही हैं। इन सुविधाओं का लाभ आम किसानों तक पहुंचना चाहिए।
विज्ञापन
उप-राज्यपाल ने शनिवार को 5.30 करोड़ रुपये के वानिकी संकाय के नए ब्वायज छात्रावास का उद्घाटन किया। 10 करोड़ रुपये की मिनी-वाटरशेड परियोजना, 3.80 करोड़ रुपये के प्रशिक्षु छात्रावास और स्कॉस्ट कश्मीर में 8 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले शैक्षणिक ब्लॉक का शिलान्यास गंदरबाल में किया। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले 10 प्रगतिशील किसानों को पांच-पांच हजार रुपये का चेक देकर सम्मानित किया। उन्होंने कृषि और वानिकी के 7 प्रकाशन भी जारी किए।
विज्ञापन