Leh Violent Protest: लद्दाख पर हाजी गुलाम मुस्तफा की प्रतिक्रिया, बोले-पुलिस को गोली चलाने का आदेश किसने दिया?
हाजी गुलाम मुस्तफा ने पुलिस फायरिंग पर सवाल उठाते हुए कहा, समझ नहीं आता कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया।
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लद्दाख एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के कानूनी सलाहकार हाजी गुलाम मुस्तफा ने हालिया हिंसा की निंदा की। उन्होंने कहा, अब तक सभी आंदोलन शांतिपूर्ण रहे हैं। वे आगे भी उसी रास्ते पर चलना चाहते हैं।
पिछले पांच साल से लद्दाख में राज्य के दर्जे और छठी अनुसूची की मांग को लेकर हो रहे प्रदर्शन हमेशा गांधीवादी तरीके से किए गए हैं। सरकार के साथ कई दौर की बातचीत भी सकारात्मक माहौल में हुई है।
पुलिस फायरिंग पर उठाया सवाल
हाजी गुलाम मुस्तफा ने पुलिस फायरिंग पर सवाल उठाते हुए कहा, समझ नहीं आता कि गोली चलाने का आदेश किसने दिया। लद्दाख हमेशा से शांति और भाईचारे की धरती रही है। हमें हिंसा और तोड़फोड़ से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। जिसने भी गोली चलाने का आदेश दिया है, उसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। सीमा पर पाकिस्तान और चीन से जूझने वाले लद्दाखियों को अब अपने ही लोगों के खिलाफ गोली खाने की नौबत नहीं आनी चाहिए।
इस बीच जिला प्रशासन ने हिंसा के बाद सुरक्षा के मद्देनजर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश लागू कर दिए हैं। लेह में पांच या उससे अधिक लोगों के जुटान, रैली या जुलूस पर बिना अनुमति रोक लगा दी गई है। लद्दाख के लोग लंबे समय से राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग कर रहे हैं।
युवाओं से शांति की अपील
कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में बंद बुलाया था। हालात बिगड़ने पर जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत धारा-144 जैसी पाबंदियां लागू कर दीं।
सुरक्षा बलों की तैनाती कारगिल, जंस्कार, नुब्रा, द्रास, चांगथांग और लामायुरू तक बढ़ा दी गई है। हंगामे के बीच वांगचुक ने अपना 15 दिन का अनशन तोड़ते हुए युवाओं से शांति बनाए रखने की अपील की।