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Leh News: लेह में आत्मनिर्भरता की मिसाल बना आकांक्षा हाट, स्वयं सहायता समूहों ने जीता सबका दिल
Wed, 30 Jul 2025 02:22 PM IST
निकिता गुप्ता
अमर उजाला, नेटवर्क लेह
अमर उजाला, नेटवर्क लेह
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Wed, 30 Jul 2025 02:22 PM IST
सार
लेह में आयोजित संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह के दौरान रूपशो ब्लॉक को सभी छह विकास संकेतकों को पूरा करने पर नीति आयोग द्वारा स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया।
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संपूर्णता अभियान, आकांक्षा हाट लेह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लेह में हुए संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह में विकास और स्थानीय भागीदारी की एक शानदार झलक देखने को मिली। इस समारोह का आयोजन भारत सरकार के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य सामाजिक और बुनियादी विकास के जरिए चिन्हित ब्लॉकों में बदलाव लाना है।
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इस मौके पर एडीडीसी लेह सोनम नूरबू ने बताया कि लद्दाख के रूपशो ब्लॉक को इस कार्यक्रम के तहत चुना गया था, और उसने छह में से सभी छह विकास संकेतकों को सफलतापूर्वक पूरा किया। इस बड़ी उपलब्धि के लिए नीति आयोग ने रूपशो ब्लॉक को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया, जो सामुदायिक भागीदारी और विभागीय समन्वय की मिसाल है।
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आयुक्त सचिव डॉ. लालतिनखुमा फ्रैंकलिन ने भी समारोह में बोलते हुए कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छता, पोषण और आजीविका जैसे क्षेत्रों में कई सरकारी योजनाएं लद्दाख में सक्रिय रूप से लागू की जा रही हैं। इनका मकसद जीवन की गुणवत्ता में सुधार और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।
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कार्यक्रम का सबसे खास और रंगीन पहलू था ‘आकांक्षा हाट’, जहां लेह जिले के स्वयं सहायता समूहों ने अपनी कला, संस्कृति और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। पारंपरिक हस्तशिल्प, हाथ से बुने कपड़े, स्थानीय व्यंजन और सांस्कृतिक उत्पादों की विविधता ने न सिर्फ बाजार को जीवंत बना दिया, बल्कि यह एक ऐसा मंच भी बना जहां अलग-अलग ब्लॉकों से आए लोग आपस में जुड़ सके, सीख सके और अपने अनुभव साझा कर सके।
आकांक्षा हाट ने यह भी दिखाया कि जब स्थानीय समुदायों को अवसर और मंच मिलते हैं, तो वे न सिर्फ आत्मनिर्भर बनते हैं बल्कि क्षेत्रीय विकास की दिशा में भी बड़ा योगदान दे सकते हैं।
यह आयोजन लद्दाख की जीवंत सांस्कृतिक विरासत, विकास की भावना और सामूहिक भागीदारी का एक बेहतरीन उदाहरण बनकर सामने आया।