अभी तक फरार हैं छात्रा पर तेजाब डालने वाले
श्रीनगर के नौशेरा लॉ कॉलेज की छात्रा पर गुरुवार को हुए तेजाब हमले के आरोपियों को पकड़ने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया है। इस संबंध में एयरपोर्ट प्रबंधन से भी सीसीटीवी फुटेज मांगा गया है।
सौवरा पुलिस थाने के थाना प्रभारी मुश्ताक अहमद ने बताया कि उन्हें कई अहम सुराग हाथ लगे हैं, जिसकी सहायता से वह जल्द हमलावरों को धर दबोचने में कामयाब होंगे।
मुश्ताक के अनुसार, उन्हें श्रीनगर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से एक कॉल आई थी, जिसमें यह जानकारी दी गई कि मारुति 800 जिसके पीछे मानसा स्टीकर लगा है एयरपोर्ट के अहाते में पार्क की गई है।
इस सूचना पर जब तक हमारी टीम उन्हें पकड़ने के लिए वहां पहुंची, तब तक वह वहां से फरार हो चुके थे। मुश्ताक के बताया कि उन्हें शक है कि हमलावरों ने घाटी से बाहर भागने का प्रयास किया था।
पूरी जानकारी के लिए हमने एयरपोर्ट प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज मांगी है। उन्होंने कहा कि जल्द अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा।
पुलिस के एक और अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने कई तेजाब विक्रेताओं को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। विक्रेताओं से उन लोगों की जानकारी भी हासिल कर रही है, जिन्होंने हाल ही में तेजाब खरीदा हो।
तेजाब हमले के विरोध में श्रीनगर में प्रदर्शन
श्रीनगर में गुरुवार को हुए लॉ की छात्रा पर तेजाब हमले के बाद श्रीनगर के विभिन इलाकों में शुक्रवार को जमकर विरोध प्रदर्शन हुआ। कश्मीर विश्वविद्यालय के छात्रों ने हमले के विरोध में अपनी कक्षाओं का बहिष्कार किया। छात्रों ने हमलावरों को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा देने की मांग की। सैकड़ों छात्र विश्वविद्यालय के प्रशासनिक ब्लॉक के सामने इकट्ठा हुए।
छात्रों ने प्रशासन से ऐसे हमलों पर रोक लगाने की मांग की जो आज के दौर में महिलाओं के लिए खतरा बना हुआ है। प्रदर्शन कर रही लॉ की एक छात्रा का कहना था कि वह कैसे इस समाज में जी सकती हैं, जिसमें ऐसे हमले होते हों। एक और छात्रा ने कहा कि तेजाब हमला निंदनीय और घिनौना अपराध है, जो हत्या से भी बुरा है।
एक और प्रदर्शन श्रीनगर की प्रेस एंक्लेव में कश्मीर लॉ कॉलेज के छात्रों द्वारा किया गया। छात्रों ने मांग की कि अपराधियों को उम्र कैद की सजा दी जाए। सरकार को तेजाब हमले के पीड़ितों के लिए सरकारी नौकरी और उसका इलाज करने का प्रावधान रखना चाहिए।
प्रदर्शन कर रही तेजाब हमले की पीड़िता की सहपाठी अरूज ने अमर उजाला को बताया कि पीड़ितों का भविष्य सुरक्षित करने के लिए उन्हें नौकरी प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें विशेष चिकित्सा दी जाए।
एक और प्रदर्शनकारी ने मांग की कि हमलावरों को ऐसी सजा दी जानी चाहिए, जिससे भविष्य में ऐसा करने वाले सोचे भी नहीं। गौरतलब है कि इस प्रदर्शन का हिस्सा वकील और सिविल सोसाइटी के लोग भी थे, जो इस घिनौने अपराध का विरोध करते दिखे।