बेटी ने पूरी की पिता की अंतिम इच्छा: यूएसए से करगिल आकर विसर्जित की अस्थियां, कहा- सैनिक कभी मरते नहीं
स्वर्गीय ब्रिगेडियर शशिकांत वासवदा (सेवानिवृत्त) की बेटी ने कारगिल की शिंगो नदी में अपने पिता की अस्थियां विसर्जित की। वह अस्थियां विसर्जित करने के लिए यूएसए से करगिल आईं थी।
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स्वर्गीय ब्रिगेडियर शशिकांत वासवदा (सेवानिवृत्त) की बेटी उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार यूएसए से कारगिल आईं। उन्होंने अपने पिता की अस्थियां कारगिल की शिंगो नदी में विसर्जित करनी थी। उन्होंने दो सितंबर को भावभीनी विदाई में उनकी आखिरी इच्छा पूरी की। स्वर्गीय ब्रिगेडियर शशिकांत वासवदा (सेवानिवृत्त), 1971 के युद्ध के दौरान कारगिल टाउन की ओर देखने वाले रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण पीटी 13620 पर कब्जा करने के लिए ऑपरेशन चलाने में सहायक थे। यह प्वाइंट हाल ही में भारतीय सेना, फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के द्वारा पर्यटकों के लिए खोला गया था।
अस्थियों का विसर्जन करते हुए स्वर्गीय ब्रिगेडियर शशिकांत वासवदा (सेवानिवृत्त) की बेटी ने कहा कि सैनिक कभी मरते नहीं, उनकी महिमा धूमिल हो जाती है। इतना कहते हुए अस्थियां कारगिल की शिंगो नदी में विसर्जित कर दी।