JK: लश्कर ने सीमा से 3 किमी दूर बनाया 'टेरर लॉन्च पैड्स'
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जम्मू कश्मीर में सीमा से सटे हुए इलाकों में पाकिस्तान की ओर से लगातार घुसपैठ की कोशिशें जारी है। अब खुफिया एजेंसियों के इनपुट मिले हैं कि पाकिस्तान से सटे इंटरनेशनल बॉर्डर से महज तीन किलोमीटर दूर लश्कर के फिदायनी आतंकवादियों ने अपना गढ़ बना लिया है और हमले की योजना बना रहे हैं।
खुफिया एजेंसियों ने इस संबंध में सतर्क करते हुए भारतीय सुरक्षाबलों को आगाह किया है कि लश्कर के आतंकियों ने आईबी के अपना गढ़ बना लिया है। सूत्रों के मुताबिक इन कैंपों का मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद दौरा किया है और आतंकियों को दिशा-निर्देश दे रहा है।
भारतीय सुरक्षाबलों के लिए सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि ये सभी कैंप सीमा से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर हैं।हाल में ही जम्मू में कई सुरक्षा ठिकानों पर हमला आतंकियों के इसी रणनीति का हिस्सा है। पिछले दिनों सीमा से सटे कठुआ और सांबा इलाकों में सुरक्षा ठिकानों पर हुए हमले इसी रणनीति का हिस्सा है।
बीएसएफ ने हाल में हुई घुसपैठ की घटनाओं का आंकलन कर एक रिपोर्ट बनाई है। गृह मंत्रालय को सौंपी गई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि जम्मू सीमा से तीन किलोमीटर पाकिस्तान की जमीन पर आतंकियों ने 'टेरर लॉन्च पैड्स' बनाए हैं।
बीएसएफ ने की है दस कैंपों की पहचान
बीएसएफ ने सीमा इलाके में ऐसे 10 कैंपों की पहचान की है जहां पर प्रशिक्षित आतंकी घरों में पनाह लिए हुए हैं और वे भारत पर हमले से पहले किसी बड़े हमले के आदेश का इंतजार कर रहे हैं।
जम्मू सीमा से पाकिस्तान के 'बड़ा भाई मसूर', अभिअल डोगरा, चापरार, सुखमल और चरकभुरा सटे इलाकों में लश्कर ने अपने कैंप बनाए हैं। जहां पर इन आंतकियों को बसाया गया है।
एक अंग्रेजी अखबार में छपी खबर के मुताबिक इन आतंकियों को पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में ट्रेनिंग के बाद यहां लाया गया और उन्हें किसी बड़े हमले से पहले स्टैंड बाई पर रखा गया है।
जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान की सीमा से सटे जम्मू के तमाम इलाकों में फेंसिंग (तार से घेराबंदी) हो चुकी है लेकिन सात किमी का ऐसा इलाका है जहां आज तक फेंसिंग नहीं हो पाई है। यहां एक बड़ा नाला है जिसके कारण अभी तक फेंसिंग में दिक्कतें हुई हैं।
60 आतंकी सीमा पार मोर्चा संभाले हुए हैं
खुफिया रिपोर्ट में इस बात की भी चेतावनी दी गई है, 'टीटीपी और लश्कर के 12-15 आतंकियों का समूह जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधयों को अंजाम देने के लिए योजना बना रहा है।'
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि कम से कम 60 आतंकी सीमा पार मोर्चा संभाले हुए हैं। ये सभी आतंकी लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) लांच पैड का हिस्सा हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस सभी आतंकियों पर हाफिज सईद बारीकी से नजर रख रहा है।
आपको बताते चलें कि पिछले वर्ष पाकिस्तानी सीमा से सटे इलाकों में पाक रेंजर्स की मदद से घुसपैठ की कई घटनाएं हुई थीं। इसी कारण कई बार सीमा पार से सीजफायर का उल्लंघन भी किया गया है। अरनिया, पहारपुरा, सांबा, कठुआ, अखनूर में घुसपैठ की कई घटनाएं हुईं हैं।
मोदी सरकार के बाद बढ़ी घुसपैठ की घटनाएं
सूत्रों का कहना है कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें बढ़ीं हैं। बीएसएफ की रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू सीमा से सटे इलाकों में पिछले दो महीनों में घुसपैठ की आठ बड़ी घटनाओं को जवानों ने नकाम किया है।
साल 2014 में इंटरनेशनल बार्डर पर पाकिस्तान की ओर से सीजफायर उल्लंघन के 550 मामले हुए हैं जो कि 2003 के बाद से सीमा पर पाक की ओर से की गई सीजफायर उल्लंघन की घटनाओं में सबसे अधिक हैं।
गृहमंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2014 में 175 बार पाक की ओर से घुसपैठ की गई है। जबकि 2011 में 52 बार और 2010 में 95 बार घुसपैठ की कोशिश हुई।