वैष्णो देवी में हादसा, CRPF जवान की मौत, कई घायल
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धर्मनगरी में माता वैष्णो देवी के भवन द्वार पर बुधवार की दोपहर को गेट नंबर तीन के पास एक बड़ी चट्टान गिरी जिसके नीचे दबकर सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल की मौत हो गई। हादसे के तत्काल बाद मार्ग पर दोनों ओर से यात्रा को रोक दिया गया।
मूसलाधार बारिश के बाद दोपहर करीब एक बजे गेट के मुख्य द्वार के पास एक बड़ी चट्टान अचानक गिर गई। मौके पर सुरक्षा जांचने के लिए तैनात सीआरपीएफ के हेड कांस्टेबल हरवींद्र सिंह पुत्र सर्वन सिंह निवासी गालिया होशियारपुर पंजाब इसमें दब गए। इससे उसकी मौत हो गई। वे सीआरपीएफ की 6 बटालियन में तैनात थे।
इस गेट पर अकसर यात्रियों की लंबी कतार रहती है। घटना के तत्काल बाद श्राइन बोर्ड राहत दल, पुलिस और सीआरपीएफ के जवान बचाव कार्य में जुट गए। दोनों ओर से यात्रा को रोक दिया गया। बचाव कार्य शुरू होने से पहले कई अन्य लोगों के दबने की भी आशंका जताई जा रही थी, लेकिन डेढ़ घंटे चले बचाव कार्य के बाद एक की मौत होने की पुष्टि कर दी गई।
भूस्खलन का कारण पहाड़ियों से छेड़छाड़
बुधवार को दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या काफी कम थी, अन्यथा अधिक जानमाल का नुकसान हो सकता था। करीब एक घंटे बाद यात्रा को फिर से सुचारु कर दिया गया। श्राइन बोर्ड के सीईओ एके साहू के अनुसार मौजूदा समय में दर्शन के लिए भक्तों की आवाजाही निकास द्वार के रास्ते की जा रही है।
गौरतलब है कि 18 दिन पहले इसी गेट के पास चट्टान गिरने से तीन लोग घायल हो गए थे। घायल बच्चे की दो दिन बाद मौत हो गई थी। इस घटना के कुछ घंटों बाद ही अर्द्ध कुंवारी के पास भारी भूस्खलन हुआ था, जिसमें चार लोगों की मौत और आधा दर्जन यात्री घायल हो गए थे।
माता वैष्णो देवी भवन में लगातार होने वाले भूस्खलन की घटनाओं के लिए स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्यों के लिए पहाड़ियों से की जाने वाली छेड़छाड़ को कारण बताया है।
लोगों का कहना है कि त्रिकुटा पहाड़ी पर घटती पेड़ों की संख्या और लगातार हो रहे निर्माण से चट्टाने कमजोर हुई हैं, जिसके कारण ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि त्रिकुटा पहाड़ियों पर निर्माण कम किए जाने चाहिए ताकि ऐसे बड़े हादसों को रोका जा सके।