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Ramban Landslide: परनोत में भू-धंसाव के कारणों का पता लगाएंगी आईआईटी व जीएसआई के टीमें, लगातार खिसक रही जमीन

Wed, 01 May 2024 12:24 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो Updated Wed, 01 May 2024 12:24 PM IST
सार

मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्र में राहत और पुनर्वास के उपायों की जानकारी व समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्र परनोत से स्थानांतरित किए परिवारों के लिए बनाए अस्थायी आवास की स्थिति के बारे में जानकारी ली।

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Ramban Landslide : IIT and GSI teams will find out the reasons for landslide in Parnote
अधिकारियों के साथ भूमि धंसाव से प्रभावित क्षेत्र में राहत और पुनर्वास के उपायों की जानकारी लेत

विस्तार

भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) के साथ-साथ आईआईटी की टीमें रामबन जिले के परनोत गांव में भू-धंसाव के कारणों का पता लगाएंगी। साथ ही निवारक उपायों की सिफारिश भी करेंगी। गांव का कई किमी का इलाका भू-धंसाव की चपेट में है। इससे प्रभावित हुए 90 परिवारों के 413 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

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मंगलवार को मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने भू-धंसाव से प्रभावित क्षेत्र में राहत और पुनर्वास के उपायों की जानकारी व समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई। इस दौरान उन्होंने प्रभावित क्षेत्र परनोत से स्थानांतरित किए परिवारों के लिए बनाए अस्थायी आवास की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को वहां बिस्तर, भोजन, पानी, बिजली, चिकित्सा सहायता, स्वच्छता और अन्य सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था करने के लिए कहा। सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कटे हुए क्षेत्रों के साथ सड़क संपर्क स्थापित करने की संभावना तलाशने को कहा।
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उन्होंने संभागीय आयुक्त और रामबन डीसी को जमीनी स्थिति को देखते हुए उचित पुनर्वास योजना तैयार करने को कहा। विस्थापित लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए एसडीआरएफ और रेडक्रॉस का सहयोग लेने को कहा। 
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डीसी रामबन ने कहा कि प्रभावित लोगों के लिए पंचायत घर और दो सामुदायिक हॉल में आवास स्थापित किए गए हैं। गूल उप-जिले से हल्के वाहनों की आवाजाही की व्यवस्था माहौर, रियासी के माध्यम से की गई है। इसके अलावा एक लिंक रोड भी जल्द शुरू की जाएगी। बैठक में जल शक्ति, गृह विभाग, पीडीडी, एडीजीपी कानून व्यवस्था, संभागीय आयुक्त, डीसी रामबन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

रामबन के परनोत में धीमी गति से हो रहा भू-धंसाव

परनोत इलाके में धीमी गति से भू-धंसाव का सिलसिला जारी है। पांबदियों के बीच एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और चिकित्सा टीमें स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। वहीं, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) की टीम ने इलाके का दौरा कर प्रभावितों से बात की। प्रभावितों ने सुरक्षित स्थानों पर जमीन उपलब्ध करवाने व पुनर्वास की मांग रखी है।

अधिकारियों ने कहा कि प्रभावित परिवारों के लिए आवास और राशन की तत्काल अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने के अलावा आवश्यक सेवाओं और सड़क संपर्क की बहाली जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इससे पहले मंडलायुक्त जम्मू के निर्देश पर रविवार को भूवैज्ञानिकों की टीम ने क्षेत्र का दौरा कर सेंपल लिए थे, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है।

डालास अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामबन रणबीर सिंह जसरोटिया, सचिव डालसा अंजना राजपूत (उप-न्यायाधीश बटोत), मुंसिफ रामबन सिद्धांत वैद, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरज सिंह परिहार आदि ने इलाके का दौरा करने के दौरान प्रभावितों को सरकार से हरसंभवव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है।

मालूम हो कि पिछले वीरवार से रामबन-गूल रोड पर जिला मुख्यालय से पांच किलोमीटर दूर ककराला मोड़ के परनोत इलाके में भूमि के धंसने से काफी संख्या में घरों, कृषि योग्य जमीन को नुकसान पहुंचा था। वहीं, 500 से अधिक परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। करीब पांच दर्जन से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कई अन्य पर खतरा मंडरा रहा है।

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