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लद्दाख में फंसे 200 सैलानियों को सुरक्षित निकाला

Wed, 21 Jan 2015 01:43 PM IST
Updated Wed, 21 Jan 2015 01:43 PM IST
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landslide hits ladakh, army rescues 200 tourists

भूस्खलन से लद्दाख क्षेत्र के जंस्कार-लेह के बीच फुक्तल दरिया का बहाव रुकने से बनी कृत्रिम झील के फटने के खतरे के बाद चदर ट्रैक पर चौकसी बढ़ा दी गई है। ट्रैकिंग के लिए गए लगभग 200 सैलानियों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इन्हें लेह में सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।

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इसके बाद भी कुछ और सैलानियों के फंसे होने की आशंका है। एहतियातन ट्रैक को सैलानियों के लिए बंद रखा जाएगा। ट्रैकिंग रूट पर न जाने का अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस संकट का हल निकालने के लिए पूरे मामले को नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथारिटी (एनडीएमए) को भेज दिया गया है।
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भूस्खलन के कारण 50 मीटर ऊंची और 60 फुट चौड़ा पहाड़ पिछले दिनों फुक्तल दरिया में गिर पड़ा। इसके कारण दरिया का बहाव रुक गया और 10 किलोमीटर की परिधि में कृत्रिम झील बन गई। इस स्थिति की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने दरिया के आसपास रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कह दिया।
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बंगलूरू के इंजीनियरिंग कालेज के दो छात्र भी फंसे

landslide hits ladakh, army rescues 200 tourists

इस बीच ट्रैकिंग के लिए गए बंगलूरू के इंजीनियरिंग कालेज के दो छात्र भी फंस गए हैं। जम्मू के पटौली निवासी विजय कुमार का पुत्र गौरव चंडीगढ़ में सूर्या वर्ल्ड में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। गौरव का सीनियर दीपांशु कुमार का बंगलूरू निवासी मित्र निखिल और धीमेंद्र पिछले दिनों ट्रैकिंग के लिए लेह गए।

गौरव ने चंडीगढ़ से फोन पर बताया कि जम्मू निवासी होने की वजह से उनके सीनियर ने उसे जानकारी के लिए कहा था। ट्रैकिंग के लिए गए दोनों से फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। इस वजह से उसके सारे दोस्त परेशान हैं।
 
बीआरओ और आर्मी इंजीनियरिंग की टेक्निकल टीम ने पूरी स्थिति की जांच की। टीम ने अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कृत्रिम झील का लगभग 80 फीसदी पानी बर्फ के रूप में तब्दील हो चुका है। पहाड़ के कारण दरिया का बहाव पूरी तरह बंद है।

गर्मी में जब बर्फ पिघलेगी तो क्या स्थिति होगी, यह कहना मुश्किल होगा। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्तमान टीम इस संकट से निकलने का काम पूरा कर पाने में सक्षम नहीं है।

इस वजह से इस मामले को नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथारिटी (एनडीएमए) को भेज दिया गया है। कारगिल के डिवीजनल कमिश्नर एमएच शेख ने बताया कि भूस्खलन से उत्पन्न संकट पर पैनी निगाह रखी गई है। स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कह दिया गया है।

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