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जिया पोता घाट पर टीला खिसका
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जिया पोता घाट पर ढहा टीला।
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अखनूर। कस्बे के चिनाब दरिया के जिया पोता घाट से ढूरगी टक्की घाट तक सटे कई जगहों पर टीले का हिस्से खिसकने पर बीस से अधिक घर चपेट में आने की कगार पर हैं। कई परिवार को घरों के ढहने की चिंता सताने लगी है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि टीले के ढहने की रोकथाम के लिए शीघ्र मरम्मत कार्य किया जाए।
चिनाब दरिया के जिया पोता घाट से ढूरगी टक्की घाट तक पिछले दिनों बारिश से कई जगहों पर टीले का हिस्सा गिर गया। इस पर सैरगाह पर आवाजाही भी बंद हो गई, जबकि टीले पर स्थित दो मकान इसकी चपेट में आकर खंडहर हो गए हैं। वहीं करीब बीस मकान और एक मंदिर के इसकी चपेट में आने की भावना बढ़ गई है। वार्ड नंबर तीन, चार और छह के लोगों को रिहायशी घरों के ढहने की चिंता सताने लगी है।
स्थानीय निवासी अजीत सिंह ने बताया कि चिनाब दरिया के सटे रिहायशी क्षेत्र के टीले का हिस्सा कई जगहों पर बारिश से गिरने पर दो मकान चपेट में आ चुके हैं, जबकि अन्य कई मकान चपेट की कगार पर हैं। प्रशासन को रोकथाम के लिए शीघ्र ही कदम उठाना चाहिए।
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वीरेंद्र सिंह ने बताया कि दो वर्षों से सरकार और संबंधित अधिकारियों को टीले की मरम्मत कार्य के लिए स्थानीय लोगों ने कई बार आग्रह भी किया। इसके बावजूद भी मरम्मत कार्य नहीं किया गया।
कांता देवी ने बताया कि टीले के गिरने से कई मकान चपेट में आने की कगार पर हैं, मगर प्रशासन लोगों के घरों को बचाने के लिए कदम नहीं उठा रहा है।
रावेंद्र सिंह ने बताया कि अगर सरकार ने शीघ्र ही मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया तो कई परिवार बेघर हो जाएंगे। प्रशासन और संभावित विभाग को जल्द ही कदम उठाने चाहिए।
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चिनाब दरिया के जिया पोता घाट से ढूरगी टक्की घाट तक मरम्मत कार्य के लिए दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है, जिस पर टेंडर होने पर मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।
-अजय गुप्ता, एक्सईएन, बाढ़ नियंत्रण विभाग
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चिनाब दरिया के जिया पोता घाट से ढूरगी टक्की घाट तक पिछले दिनों बारिश से कई जगहों पर टीले का हिस्सा गिर गया। इस पर सैरगाह पर आवाजाही भी बंद हो गई, जबकि टीले पर स्थित दो मकान इसकी चपेट में आकर खंडहर हो गए हैं। वहीं करीब बीस मकान और एक मंदिर के इसकी चपेट में आने की भावना बढ़ गई है। वार्ड नंबर तीन, चार और छह के लोगों को रिहायशी घरों के ढहने की चिंता सताने लगी है।
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स्थानीय निवासी अजीत सिंह ने बताया कि चिनाब दरिया के सटे रिहायशी क्षेत्र के टीले का हिस्सा कई जगहों पर बारिश से गिरने पर दो मकान चपेट में आ चुके हैं, जबकि अन्य कई मकान चपेट की कगार पर हैं। प्रशासन को रोकथाम के लिए शीघ्र ही कदम उठाना चाहिए।
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वीरेंद्र सिंह ने बताया कि दो वर्षों से सरकार और संबंधित अधिकारियों को टीले की मरम्मत कार्य के लिए स्थानीय लोगों ने कई बार आग्रह भी किया। इसके बावजूद भी मरम्मत कार्य नहीं किया गया।
कांता देवी ने बताया कि टीले के गिरने से कई मकान चपेट में आने की कगार पर हैं, मगर प्रशासन लोगों के घरों को बचाने के लिए कदम नहीं उठा रहा है।
रावेंद्र सिंह ने बताया कि अगर सरकार ने शीघ्र ही मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया तो कई परिवार बेघर हो जाएंगे। प्रशासन और संभावित विभाग को जल्द ही कदम उठाने चाहिए।
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चिनाब दरिया के जिया पोता घाट से ढूरगी टक्की घाट तक मरम्मत कार्य के लिए दो करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है, जिस पर टेंडर होने पर मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।
-अजय गुप्ता, एक्सईएन, बाढ़ नियंत्रण विभाग