लद्दाख: 2030 तक जोजिला टनल प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद, हर मौसम में आवागमन होगा आसान, सामरिक शक्ति बढ़ेगी
सीमा सड़क संगठन के कार्यालय प्रभारी कैप्टन आईके सिंह ने बताया कि जोजिला को पार करने में 3 से 4 घंटे का समय लगता है। टनल बनने पर दूरी केवल 15 मिनट में पूरी हो जाएगी। इससे सेना की आवाजाही आसान हो जाएगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कश्मीर घाटी और लद्दाख क्षेत्र के बीच हर मौसम में संपर्क कायम रखने वाली रणनीतिक जोजिला सुरंग का काम तेज गति से चल रहा है और 45 फीसदी से ज्यादा खोदाई हो चुकी है। सेना के एक अधिकारी ने वीरवार को कहा कि यह टनल श्रीनगर और लेह लद्दाख के बीच हर मौसम में यातायात को आसान बनाएगी।
दिसंबर 2030 तक इस परियोजना के पूरा होने की उम्मीद है। सीमा सड़क संगठन के कार्यालय प्रभारी कैप्टन आईके सिंह का कहना है कि यह एक घोड़े की नाल के आकार की शाफ्ट सिंगल ट्यूब और दो लेन वाली टनल है। जोजिला को पार करने में 3 से 4 घंटे का समय लगता है।
टनल बनने पर दूरी केवल 15 मिनट में पूरी हो जाएगी। इससे सेना की आवाजाही आसान हो जाएगी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण भी है। इस परियोजना में एक स्मार्ट टनल (स्काडा) प्रणाली शामिल है। इसका निर्माण नई ऑस्ट्रेलियाई टनलिंग पद्धति का उपयोग करके किया गया है। यह सीसीटीवी, रेडियो नियंत्रण, निर्बाध बिजली आपूर्ति और वेंटिलेशन जैसी सुविधाओं से लैस है।
14.15 किमी लंबी है टनल
सुरंग परियोजना श्रीनगर-कारगिल-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग पर 11,578 फीट की ऊंचाई पर जोजिला दर्रे के माध्यम से रणनीतिक महत्व की है, क्योंकि सर्दी के मौसम में भारी बर्फबारी के कारण राजमार्ग बंद रहता है, जिससे लद्दाख क्षेत्र कश्मीर से कट जाता है।
सिंगल-ट्यूब जोजिला सुरंग मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में बालटाल से लद्दाख के कारगिल जिले के द्रास शहर में मिनिमर्ग तक 18 किमी की पहुंच सड़क के साथ 14.15 किमी लंबी है।