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Leh Violence: सोनम वांगचुक ने सरकार पर लगाया बड़ा आरोप, बोले- तलाश रही 'बलि का बकरा', मुझे जेल भेजने की तैयारी

Thu, 25 Sep 2025 07:07 PM IST
विकास कुमार पीटीआई, लद्दाख
पीटीआई, लद्दाख Published by: विकास कुमार Updated Thu, 25 Sep 2025 07:07 PM IST
सार

वांगचुक ने कहा कि हिंसा की जड़ युवाओं की नाराजगी और लंबे समय से अनदेखी की जा रही मांगों में है। उन्होंने कहा कि छह साल से बेरोजगारी और अधूरे वादों ने युवाओं का धैर्य खत्म कर दिया है। सरकार आंशिक आरक्षण का दिखावा कर रही है, जबकि असली मांग राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का विस्तार अब भी अधूरा है। 

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Ladakh Violence Sonam Wangchuk said government looking for a scapegoat preparations to send me jail
सोनम वांगचुक - फोटो : pti

विस्तार

लद्दाख में भड़की हिंसा पर जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर उन्हें गिरफ्तार किया गया तो सरकार की दिक्कतें उनकी आजादी से कहीं ज्यादा बढ़ जाएंगी।

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सरकार बलि का बकरा तलाश रही
वांगचुक ने गुरुवार को गृहमंत्रालय के उस बयान को खारिज किया जिसमें बुधवार की हिंसा के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार बलि का बकरा तलाश रही है जबकि असली समस्या को नजरअंदाज कर रही है।

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मुझे दो साल के लिए जेल भेजने की तैयारी हो रही
मैं देख रहा हूं कि पीएसए (जनसुरक्षा कानून) के तहत मुझे दो साल के लिए जेल भेजने की तैयारी हो रही है। मैं इसके लिए तैयार हूं। लेकिन याद रखिए, जेल में सोनम वांगचुक सरकार के लिए बाहर के वांगचुक से कहीं ज्यादा परेशानी का सबब बनेगा।

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युवाओं की बेचैनी को बताया असली वजह
वांगचुक ने कहा कि हिंसा की जड़ युवाओं की नाराजगी और लंबे समय से अनदेखी की जा रही मांगों में है। उन्होंने कहा कि छह साल से बेरोजगारी और अधूरे वादों ने युवाओं का धैर्य खत्म कर दिया है। सरकार आंशिक आरक्षण का दिखावा कर रही है, जबकि असली मांग राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची का विस्तार अब भी अधूरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान हटाकर दोषारोपण की राजनीति कर रही है। यह कदम शांति की राह नहीं खोलता, बल्कि हालात को और भड़काता है।

लद्दाख में अब तक की सबसे बड़ी हिंसा
बुधवार को राज्य के दर्जे की मांग को लेकर लेह में आंदोलन हिंसक हो उठा। पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ के बीच चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 80 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें 40 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
 

लेह जिले में कर्फ्यू लागू 
गुस्साई भीड़ ने बीजेपी कार्यालय और हिल काउंसिल को निशाना बनाया और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस के गोले दागे। प्रशासन ने एहतियातन पूरे लेह जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया है।

गृहमंत्रालय और उपराज्यपाल की प्रतिक्रिया
गृहमंत्रालय ने देर रात बयान जारी कर कहा कि हिंसा भड़काने के पीछे राजनीतिक रूप से प्रेरित व्यक्तियों और वांगचुक जैसे नेताओं के भड़काऊ बयान जिम्मेदार हैं। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि कोई भी पुराना या भड़काऊ वीडियो सोशल मीडिया पर न फैलाए। मंत्रालय के अनुसार, लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस से लगातार संवाद जारी है। उच्च स्तरीय समिति की अगली बैठक 6 अक्तूबर को होगी, जबकि 25 और 26 सितम्बर को भी बैठकें निर्धारित हैं।

उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन लेह की हिंसा सुनियोजित साजिश का नतीजा थी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने माहौल बिगाड़ा है, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

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