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Ladakh Statehood Demand: 19 फरवरी की बैठक विफल हुई तो करेंगे भूख हड़ताल, लेह एपेक्स बॉडी का एलान
Wed, 07 Feb 2024 06:47 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Wed, 07 Feb 2024 06:47 PM IST
सार
लेह एपेक्स बॉडी ने कहा कि अगर उनके 4 सूत्री एजेंडे के संबंध में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो वे अपनी मांगें पूरी होने तक उपवास शुरू करेंगे। इससे पहले इंजीनियर से शिक्षा एवं पर्यावरण एक्टविस्ट बने सोनम वांगचुक बैठक के सार्थक परिणानाम न आने पर आमरण अनशन की घोषणा कर चुके हैं।
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लेह में तीन फरवरी को हुए प्रदर्शन की तस्वीर
- फोटो : एक्स/सज्जाद कारगिली
विस्तार
तीन फरवरी को लेह चलो आंदोलन के बाद लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) ने कहा कि अगर गृह मंत्रालय के साथ 19 फरवरी की बैठक बेनतीजा रहती है तो वे भूख हड़ताल शुरू करेंगे। एलएबी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इसका एलान किया है।
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लेह एपेक्स बॉडी ने कहा कि अगर उनके 4 सूत्री एजेंडे के संबंध में कोई सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ, तो वे अपनी मांगें पूरी होने तक उपवास शुरू करेंगे। इससे पहले इंजीनियर से शिक्षा एवं पर्यावरण एक्टविस्ट बने सोनम वांगचुक बैठक के सार्थक परिणानाम न आने पर आमरण अनशन की घोषणा कर चुके हैं।
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एलबीए के अध्यक्ष थुपस्तान छेवांग ने कहा कि अगर 19 फरवरी की बैठक में अनुकूल नतीजे नहीं निकले तो विरोध जारी रहेगा और संघर्ष अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लेह में शीर्ष निकाय ने त्सेरिंग दोर्गे लाक्रुक की अध्यक्षता में एक सामाजिक-धार्मिक समिति की स्थापना की है, जिसमें युवा प्रतिनिधि शामिल हैं जो भविष्य के कार्यक्रमों की देखरेख करेंगे।
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उन्होंने घटनाओं के नियोजित अनुक्रम की रूपरेखा तैयार की, जिससे संकेत मिलता है कि उपवास प्रक्रिया से पहले एक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने आम जनता से एकजुटता दिखाने के लिए उपवास में भाग लेने का आग्रह किया, और कहा कि उपवास के दौरान मृत्यु की स्थिति में भी, विरोध बिना किसी रुकावट के जारी रहेगा। इसके अतिरिक्त, छेवांग ने कहा कि उपवास प्रक्रिया के लिए स्वयंसेवकों का पंजीकरण शुरू हो गया है।
गौरतलब है कि लद्दाख में शनिवार (तीन फरवरी) को एक बड़ी विरोध रैली की गई। इसमें लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के चार सूत्रीय एजेंडे के समर्थन में कारगिल बंद रखा गया। इस रैली में 30,000 लोग पहुंचे जो लद्दाख के इतिहास में अभूतपूर्व है।
क्या है मुख्य मांगें
- लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करना
- लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए
- लद्दाख के लिए अलग लोक सेवा आयोग की स्थापना
- लद्दाख में लोकसभा सीट को एक से बढ़ाकर दो किया जाए
- राज्यसभा में भी प्रतिनिधित्व की मांग