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Jammu News: जीएमसी बारामुला में बुनियादी सुविधाओं का आभाव...पीने को पानी नहीं, शौचालय बंद
Thu, 11 Sep 2025 01:52 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
संवाद न्यूज एजेंसी, जम्मू
Updated Thu, 11 Sep 2025 01:52 AM IST
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बदहाल जीएमसी बारामुला। संवाद
बारामुला। सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) बारामुला के छात्रों और कर्मचारियों ने छात्रावासों और शैक्षणिक ब्लॉकों में आवश्यक सुविधाओं के अभाव पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने पेयजल, स्वच्छता और भीड़भाड़ जैसी समस्याओं का हवाला दिया है। पुरुष छात्रावास में छात्रों ने आरोप लगाया कि लगभग दो महीने तक उन्हें खराब वाटर प्यूरीफायर के कारण बाजार से पीने का पानी खरीदना पड़ा। इस समस्या का समाधान हाल ही में हुआ है और अब पानी की आपूर्ति आंशिक रूप से बहाल हो गई है।
एक छात्र ने कहा कि पीने का पानी दो महीने तक बाहर से पानी खरीदना पड़ा, क्योंकि छात्रावास का प्यूरीफायर खराब था। हालांकि छात्रों का कहना है कि समस्या छात्रावास परिसर से बाहर तक फैली हुई है। शैक्षणिक या प्रशासनिक ब्लॉक जहां पुस्तकालय और प्रयोगशाला में एक भी वाटर प्यूरीफायर नहीं लगा है। छात्र अपना अधिकांश समय वहीं बिताते हैं।
हाल ही में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा 50 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों को मंजूरी देने के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जिससे प्रवेश संख्या बढ़कर 150 हो गई है। एक अन्य छात्र ने कहा, छात्रावास में तीन छात्रों को 10x10 फीट के कमरे में रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अगर प्रवेश संख्या बढ़ती है तो स्थिति और भी खराब हो जाएगी। जल निकासी व्यवस्था अवरुद्ध है और गंदे शौचालय रहने की स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं।
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छात्रों ने बताया कि कैफेटेरिया के बाहर भी लगभग आठ महीनों से जल निकासी बिना किसी कार्रवाई के बंद है। शौचालय इतने गंदे हैं कि कोई मुश्किल से अंदर जा सकता है। प्रशासनिक ब्लॉक में काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने भी कठिनाइयों की सूचना दी है। एक कर्मचारी ने कहा कि यहां महिला कर्मचारी हैं, लेकिन एकमात्र चालू शौचालय को सुरक्षा गार्डों ने बंद कर दिया है। इससे हमें रोजाना भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। छात्रों और कर्मचारियों ने कॉलेज प्रशासन से पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करने, बंद नालियों को साफ करने और पूरे परिसर में स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के लिए तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
छात्रों और कर्मचारियों को पेश आने वाली दिक्कतों को लेकर जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ मजीद जहांगीर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। बता दें कि छात्रों और कर्मचारियों का कहना है कि अगर जल्द इन्हें सुधारने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति बिगड़ सकती है।
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एक छात्र ने कहा कि पीने का पानी दो महीने तक बाहर से पानी खरीदना पड़ा, क्योंकि छात्रावास का प्यूरीफायर खराब था। हालांकि छात्रों का कहना है कि समस्या छात्रावास परिसर से बाहर तक फैली हुई है। शैक्षणिक या प्रशासनिक ब्लॉक जहां पुस्तकालय और प्रयोगशाला में एक भी वाटर प्यूरीफायर नहीं लगा है। छात्र अपना अधिकांश समय वहीं बिताते हैं।
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हाल ही में राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा 50 अतिरिक्त एमबीबीएस सीटों को मंजूरी देने के बाद स्थिति और भी गंभीर हो गई है, जिससे प्रवेश संख्या बढ़कर 150 हो गई है। एक अन्य छात्र ने कहा, छात्रावास में तीन छात्रों को 10x10 फीट के कमरे में रहने के लिए मजबूर किया जा रहा है। अगर प्रवेश संख्या बढ़ती है तो स्थिति और भी खराब हो जाएगी। जल निकासी व्यवस्था अवरुद्ध है और गंदे शौचालय रहने की स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं।
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छात्रों ने बताया कि कैफेटेरिया के बाहर भी लगभग आठ महीनों से जल निकासी बिना किसी कार्रवाई के बंद है। शौचालय इतने गंदे हैं कि कोई मुश्किल से अंदर जा सकता है। प्रशासनिक ब्लॉक में काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने भी कठिनाइयों की सूचना दी है। एक कर्मचारी ने कहा कि यहां महिला कर्मचारी हैं, लेकिन एकमात्र चालू शौचालय को सुरक्षा गार्डों ने बंद कर दिया है। इससे हमें रोजाना भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। छात्रों और कर्मचारियों ने कॉलेज प्रशासन से पेयजल की सुविधा सुनिश्चित करने, बंद नालियों को साफ करने और पूरे परिसर में स्वच्छता मानकों को बनाए रखने के लिए तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
छात्रों और कर्मचारियों को पेश आने वाली दिक्कतों को लेकर जीएमसी के प्रिंसिपल डॉ मजीद जहांगीर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। बता दें कि छात्रों और कर्मचारियों का कहना है कि अगर जल्द इन्हें सुधारने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति बिगड़ सकती है।

बदहाल जीएमसी बारामुला। संवाद

बदहाल जीएमसी बारामुला। संवाद