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श्रम दिवस: जम्मू कश्मीर में 12 वर्ष में पंजीकृत श्रमिक 50 हजार से 4.51 लाख हुए, पर नहीं बढ़ी वित्तीय मदद
Mon, 01 May 2023 12:15 PM IST
kumar गुलशन कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
Published by: kumar गुलशन कुमार
Updated Mon, 01 May 2023 12:15 PM IST
सार
बोर्ड पंजीकृत श्रमिकों को बेटी की शादी पर वित्तीय मदद देता था। अब इसे बंद कर दिया है। इससे श्रमिकों को काफी लाभ मिलता था।
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Labour Day
- फोटो : निखिल मेहता
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विस्तार
जम्मू कश्मीर भवन एंव अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के साथ पंजीकृत श्रमिकों की संख्या बीते 12 वर्षों में 50 हजार से बढ़कर 4.51 लाख तक तो पहुंची, लेकिन इनके लिए शुरू की गई योजनाओं में मिलने वाली वित्तीय मदद में भी वृद्धि नहीं हुई। वर्तमान में बोर्ड के साथ 451763 श्रमिक पंजीकृत हैं, जिनमें 385270 श्रमिकों का सक्रिय पंजीकरण हैं।
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बोर्ड की विभिन्न योजनाओं का लाभ सिर्फ सक्रिय पंजीकरण वाले श्रमिकों को मिलता है। सरकार ने 2012 में अंतिम बार श्रमिकों की विभिन्न योजनाओं के तहत दी जानी वाली राशि में वृद्धि की थी।
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भवन एंव अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड पंजीकृत श्रमिकों को शिक्षा, मातृत्व, चिकित्सा सहित अन्य प्रकार की सहायता देता है। मार्बल वर्कर यूनियन के प्रधान मुकेश ने कहा कि महंगाई के दौरान जहां पहली कक्षा के बच्चे की पढ़ाई का खर्च एक लाख तक है, वहीं बोर्ड की तरफ से कक्षा एक से पांचवीं तक के बच्चों को वार्षिक शुल्क के रूप में सिर्फ 25 सौ रुपये मिल रहे हैं। कक्षा छह से आठवीं तक 3500 रुपये, नौवीं से दसवीं कक्षा में 4500 और 11वीं से 12वीं तक छह हजार रुपये की मदद मिल रही है।
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निजी या सरकारी शिक्षा काफी महंगी हो गई है। बोर्ड महिला श्रमिकों को मातृत्व लाभ के रूप में पांच हजार रुपये देता है, जो काफी कम है। वर्ष 2012 में इन दरों में वृद्धि हुई थी, इसके बाद से कोई बदलाव नहीं हुआ। अब पंजीकृत श्रमिकों की संख्या 4.51 लाख तक पहुंच गई है। सरकार से हमारी मांग है कि शिक्षा सहायता में वृद्धि हो ताकि श्रमिक भी अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दे पाएं।
बेटी की शादी में वित्तीय मदद भी बंद
बोर्ड पंजीकृत श्रमिकों को बेटी की शादी पर वित्तीय मदद देता था। अब इसे बंद कर दिया है। इससे श्रमिकों को काफी लाभ मिलता था। बेटी की शादी के समय सरकार से कुछ आर्थिक मदद मिलती थी, जिससे वह उसकी शादी अच्छे से करवा सकते थे। सरकार को इस पर विचार कर विवाह सहायता को फिर से शुरू करना चाहिए।