कुपवाड़ाः सेना का JCO शहीद, छह आतंकी ढेर
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जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में सेना और आतंकियों के बीच जारी मुठभेड़ में सेना ने पांच आतंकियों को मार गिराया है। बता दें कि पाकिस्तान की तरफ से एलओसी क्रास करके भारत में दाखिल हुए यह आतंकी चुनाव में बम धमाकों की योजना के साथ आए थे।
लेकिन सेना के जवानों ने इन्हें पहले ही ट्रेस कर लिया। कुपवाड़ा के नौगाम में सेना के जवानों ने आतंकियों के मनसूबों को ध्वस्त कर दिया। कल से आतंकियों और सेना के बीच गोलीबारी हो रही है।
सेना के प्रवक्ता के अनुसार छह आतंकी मंगलवार सुबह ढेर कर दिए गए हैं। एनकाउंटर में सेना का एक जेसीओ भी शहीद हो गया है। शहीद जेसीओ का शव सर्च ऑपरेशन के दौरान बरामद हुआ।
सेना के प्रवक्ता के अनुसार अब तक छह आतंकी मारे जा चुके है। मुठभेड़ में सेना के दो जवान भी घायल हुए है। इलाके में अभी भी कई आतंकी छिपे हैं, दोनों ओर से गोलीबारी जारी है।
चुनाव के दौरान सेना ने देखी हलचल
बताया जा रहा है कि यह आतंकी मंगलवार को रियासत में हुए चुनाव में खलल डालने के लिए पाकिस्तान की तरफ से भेजे गए थे। खबर है कि सोमवार-मंगलवार की रात को यह आतंकी सीमा पार करके भारत में दाखिल हुए थे।
जैसे ही सैन्य बलों ने इलाके में हलचल देखी। इसके बाद सेना और स्थानीय पुलिस ने आतंकियों के खिलाफ अभियान शुरू किया। बता दें कि मंगलवार को जम्मू-कश्मीर की 18 सीटों पर मतदान होना था।
25 नवंबर को हुए प्रथम चरण के मतदान में रियासत में 71 फीसदी वोटिंग हुई थी। इसके बाद से लगातार रियासत में अलग-अलग जगहों पर आतंकी हमले किए गए थे।
चुनाव में दहशत फैलाने को किए जा रहे हैं हमले
चुनावों में बढ़े मतदान प्रतिशत से आतंकी बौखलाए हुए हैं। लोगों में दहतश का माहौल बनाने के लिए यह आतंकी हमले किए जा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि जब यह आतंकी कुपवाड़ा के रास्ते से हंदवाड़ा की तरफ बढ़ रहे थे तभी नौगाम इलाके में सुरक्षाबलों ने इनको देख लिया।
इसकी जानकारी आला अधिकारियों को दी गई। अधिकारियों ने आतंकियों के खिलाफ अभियान शुरू करने के आदेश दिए और सेना के जवान आतंकियों की तरफ बढ़ गए।
कुपवाड़ा और हंदवाड़ा के बीच नौगाम में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच अभी भी भारी गोलीबारी हो रही है।
जम्मू-कश्मीर आतंकियों के निशाने पर
बता दें कि इससे पहले भी आतंकी रियासत में खौफ फैलाने के लिए कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। 26 नवंबर को अरनिया में चार आतंकियों ने सेना के बंकर पर कब्जा करके सेना के जवानों पर हमला किया था।
दो दिन चले एनकाउंटर के बाद सेना ने चारों आतंकियों को मार गिराया था, इस एनकाउंटर में सेना के तीन जवान भी शहीद हो गए थे। इसके बाद पुंछ में सेना के काफिले पर दो बार हमला किया गया।
श्रीनगर के लाल चौक पर भी सीआरपीएफ के बंकर पर आतंकियों ने ग्रेनेड हमला किया था जिसमें करीब 14 लोग घायल हो गए थे।
शोपियां में भी आतंकियों ने दो सरपंचों को गोली का शिकार बनाया जिसमें नेकां से जुड़े एक सरपंच की मौके पर ही मौत हो गई थी।