जानिए दुष्कर्म के आरोप से मुक्त हुए शिक्षक की कहानी
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नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म करने के आरोप में ट्रायल का सामना कर रहे शिक्षक वलायत हुसैन को प्रिंसिपल सेशन जज पुंछ जफर हुसैन बेग की अदालत ने अभियोजन की विफलता के कारण आरोप से बरी कर दिया।
अभियोजन केस के अनुसार उक्त शिक्षक ने अपने ही स्कूल की नाबालिग छात्रा के साथ स्कूल के स्टोर रूम में सुबह आठ बजे दुष्कर्म किया। साथ ही किसी को घटना के बारे न बताने की धमकी दी।
आरोपी ने 5-6 दिनों के बाद फिर छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। 2-3 बार यह हरकत होने पर छात्रा गर्भवती हो गई। शिकायत पर आरोपी के खिलाफ आरपीसी की धारा 376 के तहत 11 जून 2014 को आरोप तय हुए।
पीड़िता छात्रा ने कहा, दबाव में दिया बयान
प्रिंसिपल सेशन जज ने सुनवाई के दौरान पाया कि पीड़ित ने खुद स्वीकार किया कि आरोपी ने उससे दुष्कर्म नहीं किया और वह बेकसूर है।
सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज हुए बयान में छात्रा ने कहा कि पुलिस और उसके अभिभावकों ने आरोपी के खिलाफ बयान दर्ज करवाने का दबाव डाला था।
अदालत ने कहा कि जब पीड़ित खुद आरोपी को बेकसूर बता रही है तो ऐसे में उसके खिलाफ केस चलाने का कोई औचित्य नहीं है। तमाम बातों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने चालान को खारिज कर आरोपी को बरी कर दिया।