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जम्मू कश्मीर: किश्तवाड़ में आतंकी जहांगीर सरूरी के ठिकाने का खुलासा, तीन दशकों से दहशत की दुनिया में है सक्रिय

Tue, 05 Sep 2023 04:20 PM IST
kumar गुलशन कुमार अमर उजाला नेटवर्क, किश्तवाड़
अमर उजाला नेटवर्क, किश्तवाड़ Published by: kumar गुलशन कुमार Updated Tue, 05 Sep 2023 04:20 PM IST
सार

किश्तवाड़ पुलिस ने बताया कि सेना और सीआरपीएफ के साथ बनाई गई टीम ने मंगलवार सुबह हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी जहांगीर सरूरी के ठिकाने को खोज निकाला।

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kishtwar: police and army busted hideout of terrorist Jahangir Saroori
किश्तवाड़ में आतंकी ठिकाने का पर्दाफाश - फोटो : पुलिस

विस्तार

जम्मू संभाग के जिला किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों ने संयुक्त अभियान में आतंकी ठिकाने का पर्दाफाश किया है। किश्तवाड़ पुलिस ने बताया कि सेना और सीआरपीएफ के साथ बनाई गई टीम ने मंगलवार सुबह हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी जहांगीर सरूरी के ठिकाने को खोज निकाला।

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पुलिस अधिकारी ने बताया कि विश्वसनीय खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए किश्तवाड़ पुलिस, सेना 26 आरआर और सीआरपीएफ 52 बीएन ने साथ मिलकर ऑपरेशन चलाया। इस दौरान जिले के भदत सरूर के परीबाग इलाके में स्थित एक आतंकी ठिकाने का खुलासा हुआ, जहां आतंकवादी जहांगीर सरूरी के छिपे होने और विध्वंसक गतिविधियों की योजना बनाने का संदेह है।
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पुलिस ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान आतंकी ठिकाने से दो कंबल, कुछ खाद्य पदार्थ और कुछ व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई हैं। इनसे पता चलता है कि ठिकाने में आतंकवादी की उपस्थिति रही है। सुरक्षाबलों ने आसपास के इलाके को घेर कर तलाशी अभियान चलाया है।

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जानें कौन है आतंकी जहांगीर सरूरी

किश्तवाड़ में सक्रिय आतंकवादी मोहम्मद अमीन उर्फ जहांगीर सरूरी करीब तीन दशकों से आतंकी संगठन में सक्रिय है। उस पर पुलिस ने लाखों का इनाम रखा है। सरूरी 1990 के दशक की शुरुआत में आतंकवादी रैंक में शामिल हो गया था और पिछले तीन दशकों से अपनी गिरफ्तारी से बच रहा है।

उसकी धर-पकड़ के लिए पुलिस और सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस पर उसके परिवार ने अपने घर पर तिरंगा लहराया था और आतंकी सरूरी से आतंक का रास्ता छोड़ देने की अपील की थी। सरूरी के बेटे आदिल ने कहा कि वह अपने पिता को बहुत याद करता है और ये अपील करता है कि वो घर लौट आए। 

एक दशक पहले आतंकवाद मुक्त घोषित सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील किश्तवाड़ जिले में 2018 और 2019 में आतंकी घटनाओं के पीछे आतंकी अमीन का हाथ माना जाता है, जो यहां आतंकवाद को दोबारा जिंदा करना चाहता है। 

आतंकवादियों ने एक नवंबर 2018 को किश्तवाड़ शहर में वरिष्ठ भाजपा नेता अनिल परिहार और उनके भाई अजीत परिहार की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि आरएसएस के पदाधिकारी चंद्रकांत शर्मा और उनके पीएसओ की 9 अप्रैल 2019 को एक अस्पताल में हत्या कर दी गई थी। 2019 में दो और मौकों पर भी आतंकी दो पुलिसकर्मियों की सर्विस राइफ लों के साथ फरार हो गए थे।

हालांकि, जिले में सक्रिय आतंकवादियों के खिलाफ पहली बड़ी सफलता 28 सितंबर 2019 को दर्ज की गई थी, जब सुरक्षा बलों ने ओसामा बिन जावेद सहित तीन आतंकियों को मार गिराया था। वे लक्षित हत्याओं के सिलसिले में पास के रामबन जिले में एक मुठभेड़ में वांछित थे। पुलिस ने संगठन के लगभग दो दर्जन सदस्यों और भूमिगत कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था और उनके कई ठिकानों का भंडाफोड़ किया गया था। अक्तूबर 2019 में पुलिस ने आतंकी जहांगीर सरूरी और दो अन्य के सिर पर 30 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

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