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Kishtwar Cloudburst: मूसलाधार बारिश से ठाठरी, द्राबशाला में तबाही जैसे हालात; सड़कें अवरुद्ध, कई वाहन फंसे

Tue, 02 Jun 2026 06:04 PM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, किश्तवाड़
अमर उजाला नेटवर्क, किश्तवाड़ Published by: Nikita Gupta Updated Tue, 02 Jun 2026 06:04 PM IST
सार

स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश का स्वरूप इतना तीव्र था कि ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो ऊपरी पहाड़ियों में कहीं बादल फट गया हो। सोशल मीडिया पर भी बादल फटने की चर्चाएं सामने आईं, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी या स्थानीय व्यक्ति द्वारा बादल फटने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 

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Kishtwar Cloudburst sparks panic in two areas
किश्तवाड़ा में बदला फटा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में मंगलवार दोपहर बाद जिले के ठाठरी, द्राबशाल्ला शाला, सैलाना, सरोर, सरथल गाहन और आसपास के क्षेत्रों में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जना के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। भारी वर्षा के कारण कई स्थानों पर नाले उफान पर आ गए, जिससे सड़कों पर भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और गाद जमा हो गई तथा कई मार्ग यातायात के लिए अवरुद्ध हो गए।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार ठाठरी क्षेत्र में अचानक आए तेज बहाव वाले नालों ने सड़कों पर मलबा ला दिया, जिससे कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए। कुछ वाहनों के मलबे में दबने की भी सूचना मिल रही है। हालांकि स्थानीय लोगों की तत्परता और आपसी सहयोग से कई लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
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बारिश के समय स्कूलों में छुट्टी हो चुकी थी और घर लौट रहे स्कूली बच्चों को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने बच्चों को सुरक्षित निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई स्थानों पर लोगों को नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित जगहों तक पहुंचाया गया।
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द्राबशाला, सैलाना, सरूड़ और सरथल गाहन क्षेत्रों में भी हालात कम गंभीर नहीं रहे। मच्छीपाल नामक स्थान के पास भारी मात्रा में पत्थर और मलबा सड़क पर आ जाने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। कई वाहन चालकों को रास्ते में ही रुकना पड़ा, जबकि कुछ लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए पहाड़ियों के नीचे शरण ली, हालांकि यह स्थान भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं माने जा रहे थे।

स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश का स्वरूप इतना तीव्र था कि ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो ऊपरी पहाड़ियों में कहीं बादल फट गया हो। सोशल मीडिया पर भी बादल फटने की चर्चाएं सामने आईं, लेकिन समाचार लिखे जाने तक किसी भी प्रशासनिक अधिकारी या स्थानीय व्यक्ति द्वारा बादल फटने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार क्षेत्र में अत्यधिक मूसलाधार बारिश हुई, जिसके चलते नालों में अचानक भारी बहाव आया और यह स्थिति उत्पन्न हुई।

अभी तक किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, जो राहत की बात है। हालांकि सड़कों पर जमा मलबे और बहते नालों के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर स्थानीय लोग स्वयं राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं और फंसे हुए यात्रियों और वाहन चालकों की मदद कर रहे हैं। क्षेत्र में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

क्लाउडबर्स्ट के बाद प्रशासन अलर्ट
जिला किश्तवाड़ के द्राबशाला-ठाठरी क्षेत्र में हुए क्लाउडबर्स्ट और उसके बाद आए मलबे एवं तेज बहाव के चलते प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बहाली कार्य शुरू कर दिए हैं। यह जानकारी उपायुक्त (डीसी) किश्तवाड़ पंकज कुमार शर्मा ने दी। 

डीसी पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि द्राबशला जीरो प्वाइंट, मछीपाल, सरूड़ क्षेत्र और विशेष रूप से सरथल गाहन के रोड पर भारी मात्रा में मलबा जमा होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। कुछ स्थानों पर पानी लोगों के घरों के आसपास तक पहुंच गया था, जिसके बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रभावित क्षेत्रों में मशीनरी भेज दी।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े प्रभावित हिस्सों की बहाली के लिए एनएचआईडीसीएल को तत्काल मौके पर भेजा गया है, जबकि पीएमजीएसवाई की मशीनरी और जेसीबी भी सड़क से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के कार्य में जुटी हुई हैं।

डीसी ने स्पष्ट किया कि अब तक किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान या संपत्ति के क्षतिग्रस्त होने की कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

पंकज कुमार शर्मा ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि वर्तमान मौसम परिस्थितियों और आगामी मानसून को देखते हुए नदी-नालों, जलधाराओं और अन्य जल स्रोतों के आसपास जाने से बचें। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन वर्षों से जिले में क्लाउडबर्स्ट और अचानक बाढ़ जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे कभी भी नालों और जलधाराओं का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।

उन्होंने आम जनता से प्रशासन द्वारा जारी मौसम संबंधी एडवाइजरी का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन और संबंधित विभागों को सूचित करने की अपील की, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।

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