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किश्तवाड़ हत्याकांड: SIT ने गली-नालियों में खंगाले सबूत, पुलिस को मिले हैं आतंकी हमले के कुछ सबूत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Sat, 03 Nov 2018 11:03 PM IST
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BJP J&K secretary Anil Parihar
- फोटो : फाइल
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भाजपा नेता अनिल परिहार व उनके भाई अजीत परिहार की हत्या के मामले में आतंकियों को पकड़ने के लिए गठित विशेष जांच दल (सिट) ने शनिवार को घटनास्थल से सबूत जुटाने का प्रयास किया। इसके अलावा कई लोगों को पुलिस स्टेशन बुलाकर पूछताछ की।
सिट के सदस्य जांच के लिए घटनास्थल तापल गली में पहुंचे। जहां सभी ने घंटों इलाके को खंगाला। चप्पे-चप्पे की अच्छी तरह से जांच की। यहां तक की नाली के अंदर पड़ी गंदगी को भी बाहर निकाल कर देखा गया। संभवत: वह उन खोखों की तलाश कर रहे थे जो मृतकों के सिर को पार करके निकले थे।
पुलिस ने आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की। तापल गली में किसी तरह का कोई सुराग मिला है या नहीं, इस बारे में पुलिस कुछ नहीं बता रही है। कई लोगों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिससे लग रहा है कि दोनों की हत्या आतंकवादियों ने की है।
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मालूम हो कि वीरवार रात को दुकान से घर लौटते समय आतंकवादियों ने तापल गली में भाजपा के प्रदेश सचिव अनिल परिहार व उनके बड़े भाई अजीत परिहार को सिर में गोली मार कर हत्या कर दी थी। इसके बाद आतंकी मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।
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सिट के सदस्य जांच के लिए घटनास्थल तापल गली में पहुंचे। जहां सभी ने घंटों इलाके को खंगाला। चप्पे-चप्पे की अच्छी तरह से जांच की। यहां तक की नाली के अंदर पड़ी गंदगी को भी बाहर निकाल कर देखा गया। संभवत: वह उन खोखों की तलाश कर रहे थे जो मृतकों के सिर को पार करके निकले थे।
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पुलिस ने आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ की। तापल गली में किसी तरह का कोई सुराग मिला है या नहीं, इस बारे में पुलिस कुछ नहीं बता रही है। कई लोगों से पूछताछ के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले हैं, जिससे लग रहा है कि दोनों की हत्या आतंकवादियों ने की है।
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मालूम हो कि वीरवार रात को दुकान से घर लौटते समय आतंकवादियों ने तापल गली में भाजपा के प्रदेश सचिव अनिल परिहार व उनके बड़े भाई अजीत परिहार को सिर में गोली मार कर हत्या कर दी थी। इसके बाद आतंकी मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।
सिर के आर-पार हो गई थी गोली
हत्यारों ने भाजपा नेता व उनके भाई को गोली बहुत करीब से मारी थी इसलिए गोली दोनों के सिर के आरपार हो गई थी। अस्पताल पहुंचने से पहले दोनों भाइयों ने दम तोड़ दिया था। उनके जिस्म में कहीं गोली नहीं मिली। डाक्टर यह तय नहीं कर पाए हैं कि फायरिंग पिस्टल से हुई कि किसी दूसरे हथियार से। पुलिस सूत्रों ने मौका ए वारदात पर एके 47 राइफल के खोखे मिलने की बात की भी पुष्टि नहीं की है जैसा कि शुक्रवार को कुछ एजेंसियों ने दावा किया था।
अस्पताल के सूत्रों के अनुसार दोनों के सिर में एक-एक गोली मारी गई थी, जिससे सिर में डेढ़ से दो इंच के बीच सुराख हो गया था। यह भी पता चला है कि गोली सिर के आरपार हो गई थी। सूत्र बताते हैं कि पहली नजर में मृतकों के सिर के घाव राइफल की गोली के नहीं लग रहे। हत्या में किसी छोटे असलहे का इस्तेमाल किया गया।
डोडा से पूरी तरह हटाया कर्फ्यू
घटना के बाद वीरवार रात से लगाए कर्फ्यू में शनिवार दोपहर को सवा दो घंटे के लिए ढील मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों ने घरों से निकल कर रोजमर्रा का सामान खरीदा। जबकि डोडा से कर्फ्यू हटा लिया गया।
अस्पताल के सूत्रों के अनुसार दोनों के सिर में एक-एक गोली मारी गई थी, जिससे सिर में डेढ़ से दो इंच के बीच सुराख हो गया था। यह भी पता चला है कि गोली सिर के आरपार हो गई थी। सूत्र बताते हैं कि पहली नजर में मृतकों के सिर के घाव राइफल की गोली के नहीं लग रहे। हत्या में किसी छोटे असलहे का इस्तेमाल किया गया।
डोडा से पूरी तरह हटाया कर्फ्यू
घटना के बाद वीरवार रात से लगाए कर्फ्यू में शनिवार दोपहर को सवा दो घंटे के लिए ढील मिलने पर लोगों ने राहत की सांस ली। लोगों ने घरों से निकल कर रोजमर्रा का सामान खरीदा। जबकि डोडा से कर्फ्यू हटा लिया गया।