जम्मू-कश्मीरः अब किडनी के मरीजों को घर पर ही मिलेगी डायलिसिस की सुविधा
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किडनी के मरीजों को बड़ी राहत मिलने वाली है। नए वित्त वर्ष से जिला स्तर पर किडनी के मरीजों के लिए पेरिटोनियल डायलिसिस सुविधा को शुरू किया जा रहा है। इसमें घर पर ही मरीज को डायलिसिस की सुविधा मिल सकेगी। यह सेवा दूरदराज व पहाड़ी क्षेत्र के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी। इसमें बीपीएल मरीजों को निशुल्क सुविधा मिल सकेगी। एनएचएम की ओर से नए वित्त वर्ष की वार्षिक योजना में इसे शामिल किया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में प्रधानमंत्री नेशनल डायलेसिस प्रोग्राम के तहत 13 जिलों में मरीजों को डायलिसिस सेवा दी जा रही है। वर्ष 2018 में पायलट स्तर पर अनंतनाग और जम्मू में यह सेवा शुरू की गई थी। जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसे आगे बढ़ाया गया है। इसमें रोजाना 200-250 के बीच मरीजों के डायलिसिस किए जा रहे हैं। लेकिन इन डायलिसिस के लिए मरीज को अस्पताल में आना पड़ता है। जिससे खासतौर पर दूरदराज और पर्वतीय इलाकों के लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
इसके विकल्प में पेरिटोनियल डायलिसिस किया जाता है। इसमें मरीज के पेट में पेरिटोनियल कैबिटी में सर्जरी से एक साफ्ट पाइप डाली जाती है, जिसके साथ पेरिटोनियल डायलिसिस फ्ल्यूड बैग लगाए जाते हैं। इसमें रोजाना 3-4 बैग बदलने पड़ते हैं, जिसमें फ्ल्यूड पेट पर जाकर टाक्सिन को बाहर निकाल देता है।
इस प्रक्रिया में मरीज को इंफेक्शन से बचना होता है, जबकि उसका घर पर ही डायलिसिस हो जाता है। सूत्रों के अनुसार पेरिटोनियल डायलिसिस को जम्मू और कश्मीर के दो-दो जिलों में शुरू में पायलट स्तर पर शुरू किया जाएगा, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसे बाकी जिलों तक पहुंचाया जाएगा।
वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डा. एसके बाली ने बताया कि मेडिकल कॉलेज जम्मू में 2002 के बाद सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में पेरिटोनियल डायलिसिस सेवा को शुरू किया गया था। लेकिन जिला स्तर पर यह सेवा शुरू होने से मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें डायलिसिस के लिए लंबा सफर तय करके शहरी अस्पतालों तक नहीं आना पड़ेगा।