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कठुआ कांड: अब ऐसे चलेगा नाबालिग आरोपी की असली उम्र का पता, 10वीं का सर्टिफिकेट पर्याप्त नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Updated Wed, 13 Jun 2018 03:55 PM IST
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कठुआ के रसाना रेप कांड के एक आरोपी की हड्डी जांच उसकी असली उम्र बताएगी। पठानकोट में चल रही सुनवाई के क्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश तजविंदर सिंह ने इस आरोपी की हड्डी जांच ( बोन आसिफिकेशन) के निर्देश दिए हैं।
इस मामले में एक आरोपी नाबालिग है और उसके संबंध में सुनवाई कठुआ में जुवेनाइल कोर्ट में चल रही है। मंगलवार को कोर्ट ने दूसरे आरोपी के संबंध में हड्डी जांच के निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अन्य सात आरोपियों के मामले की सुनवाई पठानकोट कोर्ट में चल रही है।
कोर्ट के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए एडवोकेट असीम साहनी ने कहा बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में मेट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र पेश कर इस आधार पर इस दूसरे आरोपी को भी नाबालिग माने जाने का आवेदन दिया था।
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इस मामले में एक आरोपी नाबालिग है और उसके संबंध में सुनवाई कठुआ में जुवेनाइल कोर्ट में चल रही है। मंगलवार को कोर्ट ने दूसरे आरोपी के संबंध में हड्डी जांच के निर्देश दिए। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर अन्य सात आरोपियों के मामले की सुनवाई पठानकोट कोर्ट में चल रही है।
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कोर्ट के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए एडवोकेट असीम साहनी ने कहा बचाव पक्ष के वकील ने कोर्ट में मेट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र पेश कर इस आधार पर इस दूसरे आरोपी को भी नाबालिग माने जाने का आवेदन दिया था।
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कोर्ट ने आदेश दिया कि जम्मू मेडिकल कालेज इस हड्डी जांच के लिए एक बोर्ड का गठन करेगा ताकि आरोपी की असली उम्र तय की जा सके। एसएसपी क्राइम ब्रांच आर के जाला को मेडिकल जांच की निगरानी तथा 2 जुलाई को इसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।
एडवोकेट ने कहा कि अब नाबालिग के वकील तय करेंगे कि आदेश को चुनौती देनी है या इसे कंपाइल करना है। आरोपी के वकील ने कोर्ट में कहा था कि इस आरोपी की जन्मतिथि 22 फरवरी 2000 है।
अभियोजन पक्ष ने इस पर एतराज जताते हुए कहा कि घटना के दिन के हिसाब से आरोपी के बालिग होने की उम्र में सिर्फ एक महीना का अंतर है। आरोपी के वकील का कहना है कि दसवीं का सर्टिफिकेट उम्र बताने के लिए पर्याप्त सबूत माना जाता है।
एडवोकेट ने कहा कि अब नाबालिग के वकील तय करेंगे कि आदेश को चुनौती देनी है या इसे कंपाइल करना है। आरोपी के वकील ने कोर्ट में कहा था कि इस आरोपी की जन्मतिथि 22 फरवरी 2000 है।
अभियोजन पक्ष ने इस पर एतराज जताते हुए कहा कि घटना के दिन के हिसाब से आरोपी के बालिग होने की उम्र में सिर्फ एक महीना का अंतर है। आरोपी के वकील का कहना है कि दसवीं का सर्टिफिकेट उम्र बताने के लिए पर्याप्त सबूत माना जाता है।