कठुआ कांडः अब 12 जनवरी को मुजफ्फरनगर के कारपोरेश्न बैंक के ATM से पैसा निकालते दिखा विशाल
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विशाल 12 जनवरी को मीरापुर के कारपोरेश्न बैंक के एटीएम में डेबिट कार्ड इस्तेमाल करते पाया गया। जहां खाते में राशि कम होने के चलते बैंक खाते में सरचार्ज कटने का ब्योरा बाकायदा उसकी बहन की पासबुक में दर्ज है, जिसका डेबिट कार्ड विशाल इस्तेमाल करता था।
इससे पहले एसबीआई मीरापुर के एटीएम फुटेज में भी विशाल 15 जनवरी को दोपहर 3.05 बजे एटीएम से एक हजार रुपये निकालता दिखाई दिया था। क्राइम ब्रांच की चार्जशीट के अनुसार विशाल जंगोत्रा रसाना मामले में नाबालिग आरोपी द्वारा 11 जनवरी को बच्ची के अपहरण की जानकारी दिए जाने के बाद 12 जनवरी की सुबह छह बजे कठुआ पहुंच गया था।
इसके बाद नाबालिग आरोपी ने उसे बच्ची के अपहरण और देवस्थान में रखे जाने की सूचना दी, जिसके बाद विशाल पर आरोप है कि उसने 13 जनवरी को बच्ची का दुष्कर्म किया। चार्जशीट में जिक्र है कि नाबालिग आरोपी ने विशाल को यह कहकर मेरठ से बुलाया कि वो भी आकर अपनी वासना को शांत कर ले।
इस बीच विशाल को क्राइम ब्रांच की चार्जशीट में 12 जनवरी की सुबह छह बजे से 15 जनवरी की शाम तक कठुआ में ही बताया गया है, लेकिन कारपोरेश्न बैंक की सीसीटीवी फुटेज में 12 जनवरी को ही विशाल राशि निकालते दोपहर तीन बजे दिखाई दिया।
नेश्नल मीडिया द्वारा लगातार किए जा रहे इन खुलासों के बाद क्राइम ब्रांच की जांच सवालों के घेरे में आ चुकी है। विशाल मुजफ्फरनगर के आकांक्षा कॉलेज से पढ़ाई कर रहा था। इससे पहले एसबीआई के एटीएम की फुटेज भी उसके मीरापुर की ट्रांजेक्शन की तस्दीक करती दिखाई देती है।
क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे मार्च में गिरफ्तार कर लिया था। विशाल की बहन मधु ने 12 जनवरी की सीसीटीवी फुटेज में भी विशाल के होने की तस्दीक की है। उन्होंने बताया कि विशाल ने उस समय वही पायजामा पहना था जो मधु ने उसे लेकर दिया था। साथ ही गले की चेन भी दिखाई दे रही थी जो विशाल पहनता था।
बीसवां जन्मदिन भी विशाल ने जेल में मनाया
21 अप्रैल को रसाना मामले में आरोपी बनाया गया विशाल जंगोत्रा बीस साल का हो गया, लेकिन इस बार का उसका जन्मदिन जेल में ही बीता। अकेले भाई का धूमधाम से जन्मदिन मनाने वाली दोनों बहनों का यह बताते हुए कलेजा मुंह को आ रहा था।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में दर्ज समय और चेहरा इस बात का सुबूत है कि विशाल वहीं था और क्राइम ब्रांच की कहानी झूठी है। जानबूझ कर उन्हें मामले में फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि यही वो तथ्य हैं जिसे लेकर लोग पिछले लगभग साढे़ तीन महीने से सीबीआई जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं।