J&K : 90 के दशक को दोहराने में जुटा पाकिस्तान, बड़ी साजिश... लगातार घुसपैठ और पहाड़ के घने जंगल में ठिकाना
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीजफायर की आड़ में पाकिस्तान ने हाल फिलहाल में बड़े पैमाने पर आतंकियों की घुसपैठ करवाई है। इसकी तस्दीक बसंतगढ़ और अब कठुआ के सैडा सोहल व भद्रवाह के छत्रगलां टॉप पर आतंकी हमलों और मुठभेड़ से भी हो जाती है।
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जम्मू-कश्मीर में पिछले 34 साल में ड्रोन ड्रॉपिंग से लेकर सुरंगें, तारबंदी काटने, आत्मघाती हमलों की सभी साजिशों में विफल रहने के बाद पाकिस्तान ने अब एक बार फिर यू टर्न लेकर नब्बे का दशक दोहराने की साजिश रची है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीजफायर की आड़ में पाकिस्तान ने हाल फिलहाल में बड़े पैमाने पर आतंकियों की घुसपैठ करवाई है। इसकी तस्दीक बसंतगढ़ और अब कठुआ के सैडा सोहल व भद्रवाह के छत्रगलां टॉप पर आतंकी हमलों और मुठभेड़ से भी हो जाती है।
जम्मू संभाग के पहाड़ी इलाकों में आतंकी जंगलों को पनाहगाह बना रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों को यह भी शक है कि स्थानीय स्तर पर भी बिना इनके सीधे संपर्क में आए स्लीपर सेल इनकी मदद कर रहा है। जो सुरक्षा एजेंसियों के लिहाज से खतरे की बड़ी घंटी है। ऐसे में आतंकियों के साथ साथ मददगारों या स्लीपर सेल का सफाया भी बड़ी चुनौती रहेगी।
नब्बे के दशक में एक दौर ऐसा था जब पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय सीमा के रास्ते आतंकी घुसपैठ करवाई जाती थी। इस दौर में घुसपैठ के लिए सीमा पर लगी तारबंदी को काटना, नदी-नालों के जरिए घुसपैठ की कोशिशें होती रहीं। आतंकी इस दौर में कश्मीर घाटी को जाने के लिए कठुआ जिले के विभिन्न दरियाई रूट का इस्तेमाल करते जो उधमपुर और कठुआ जिले के पहाड़ों तक उनके लिए राह बनते थे। यहीं से आतंकी कश्मीर का रुख कर लेते थे।
इसके बाद पहाड़ी चोटियों पर पुलिस पोस्ट से लेकर वीडीजी को सक्रिय किया गया। पिछले ढाई दशक में पाकिस्तान ने कई पैंतरे बदले। घुसपैठ के बाद आईबी से सटे इलाकों में पुलिस और सैन्य पोस्टों पर आत्मघाटी हमलों का दौर शुरू किया। इसके बाद पाकिस्तान ने सुरंगों के जरिए घुसपैठ शुरू करवाई।
सुरक्षा एजेंसियां जैसे जैसे आगे बढ़कर पाकिस्तान की नापाक कोशिशों का भंडाफोड़ करतीं वैसे ही पाकिस्तान नई साजिश की तैयारी में जुट जाता। हाल फिलहाल के वर्षों में स्लीपर सेल की मदद से ड्रोन ड्रॉपिंग और उससे पहले घुसपैठ और हथियार गिराने के बाद ट्रक के जरिए कश्मीर घाटी आतंकियों को पहुंचने के मामले भी सामने आ चुके हैं।
बेई नाले के नजदीक जहां आतंकी मौजूद थे, यह इलाका पहले भी आतंकी गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील रहा है। कुछ वर्ष पहले ही सुरक्षाबलों ने आतंकियों के एक नए मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था, जो इसी इलाके से आतंकियों को कश्मीर तक ट्रकों के जरिए ले जाता रहा। ऐसे में साफ है कि आतंकी कठुआ और सांबा जिले की सरहद से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा या इससे सटे नालों का इस्तेमाल घुसपैठ के लिए कर रहे हैं।
हाल फिलहाल में लगातार इलाके में आतंकवादियों की बड़ी गतिविधियों ने साफ कर दिया है कि घुसपैठ के लिए आतंकियों के पास कोई खुफिया रास्ता लगातार खुला हुआ है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां अनभिज्ञ चल रही हैं। यह आने वाले दिनों में भी चुनौती का सबब बन सकता है। एडीजीपी जम्मू आनंद जैन ने भी साफ किया है कि यह आतंकियों का हाल फिलहाल में घुसपैठ कर आया दल हो सकता है। बसंतगढ़ में दहशतगर्दों के साथ मुठभेड़ के बाद भी ऐसी ही जानकारी सामने आई थी।
15 घंटे चले ऑपरेशन में दो आतंकी ढेर, एक सीआरपीएफ जवान बलिदान
जिला कठुआ की तहसील हीरानगर के सैडा सोहल गांव में मंगलवार की रात से चल रहे आतंकियों के खिलाफ अभियान में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। इलाके में दहशत फैलाने वाले दो आतंकियों को सुरक्षाबलों ने ढेर कर दिया है जबकि इस मुठभेड़ में सीआरपीएफ का एक जवान भी शहीद हो गया। लगभग 15 घंटे चले इस ऑपरेशन के बाद भी सुरक्षाबलों ने इलाके में सघन तलाशी अभियान को जारी रखा है। मारे गए आतंकियों से कैश के अलावा भारी मात्रा में गोला बारूद भी बरामद हुआ है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इलाके में कुछ और आतंकी भी छिपे हो सकते हैं लिहाजा ऑपरेशन को जारी रखा गया है।
मंगलवार की देर रात तक इलाके की घेराबंदी के बाद सुबह तीन बजे के लगभग सुरक्षाबलों ने घेरेबंदी को कसना शुरू किया तो आतंकी बौखला गया। उसने सुरक्षाबलों के वाहनों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाना शुरू कर दी। गोलीबारी की चपेट में तीन वाहन आए, जिनमें से दो में डीआईजी और एसएसपी भी मौजूद थे। यहीं आतंकियों का मुकाबला करते सीआरपीएफ के एक जवान घायल हो गए। रात तीन बजे के लगभग उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
उधर, सुरक्षाबलों ने तड़के फिर आतंकी को घेरना शुरू किया। इसके लिए ड्रोन की भी मदद ली गई। ड्रोन से आतंकी की लोकेशन मिलने के बाद सुबह सुरक्षाबलों ने उसे कुछ ही समय में ढेर कर दिया। पुलिस को मौके से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए हैं। पुलिस ने इस संदर्भ में हीरानगर थाने में एफआईआर संख्या 101/2024 में आईपीसी की धारा 307,120 बी, 121 ए, 122, यूएपीए और 7/21, 13/16/18/23 के अंतगर्त दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी गई है।
एडीजीपी आनंद जैन ने बताया कि दो आतंकियों को ऑपरेशन में मार गिराया गया है। एक सीआरपीएफ के जवान ने भी शहादत पाई है। ऑपरेशन फिलहाल खत्म नहीं हुआ है कुछ और संदिग्धों के भी इलाके में छुपे होने की आशंका है। ऐसे में यह ऑपरेशन अभी जारी है। पूरे इलाके को खंगाला जा रहा है।
रात में मारे गए आतंकी से भारी मात्रा में असलहा बरामद
सुरक्षाबलों की शुरुआती कार्रवाई में ढेर किए गए आतंकी से तीन भरी मैगजीन, 24 राउंद के साथ एक मैगजीन, लिफाफे में रखे 75 राउंद, तीन जिंदा ग्रेनेड और एक लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है। आतंकी के बैग से पाकिस्तान में बनी चॉकलेट, सूखे चने और बासी रोटियां बरामद हुई हैं। पेन किलर दवाएं और इंजेक्शन, सिरिंज, बैटरी के दो पैक, टेप में लिपटा हैंडसेट और दो तारें भी मिली हैं। साफ है कि घुसपैठ के बाद आतंकी इलाके में रहने या फिर पहाड़ी इलाकों में पैदल चलने के लिए खाने पीने के सामान से लेकर नकदी भी साथ लेकर आए थे।