फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   Kathua gangrape case: Jammu Bar Association raised question on investigation of crime branch

कठुआ कांडः क्राइम ब्रांच की जांच पर गंभीर सवाल, जम्मू बार एसो. ने कहा- इंसाफ के लिए CBI जांच जरूरी

Fri, 20 Apr 2018 10:18 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Updated Fri, 20 Apr 2018 10:18 PM IST
विज्ञापन
Kathua gangrape case: Jammu Bar Association raised question on investigation of crime branch

कठुआ कांड पर वकीलों के रवैए की जांच करने जम्मू आई बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) की टीम से बार एसोसिएशन ने एक सुर में दो टूक कहा कि उन्हें क्राइम ब्रांच की जांच पर एतबार नहीं। इंसाफ के लिए सीबीआई जांच जरूरी है।  

विज्ञापन


बार काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम शुक्रवार को करीब 12 बजे जम्मू हाईकोर्ट पहुंची। इस टीम में बार काउंसिल की टीम के सदस्य रिटायर्ड जस्टिस तरुण अग्रवाल, एस. प्रभाकरन (बीसीसीआई के  सह अध्यक्ष) रजिया बेग (बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड की पूर्व अध्यक्ष) नरेश दीक्षित (पटना हाईकोर्ट के वकील), रामचंद्रन जी शाह शामिल थे। टीम ने सबसे पहले पीड़ित परिवार की वकील दीपिका सिंह रजावत से मुलाकात की।
विज्ञापन


रजावत का आरोप था कि उन्हें हाई कोर्ट में पेश होने से रोका गया। हाईकोर्ट के सामने पार्क में करीब आधा घंटा तक दीपिका से बातचीत करने के बाद टीम बार रूम में वकीलों से मिली। टीम ने वकीलों से पूछा कि वह केस को सीबीआई को क्यों सौंपना चाहते हैं?  टीम से बार ने कहा कि सीबीआई जांच से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। वकीलों ने एक मत से कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जानी चाहिए। जम्मू में गुज्जरों और डोगरों के बीच आपसी विद्वेष पैदा करने की साजिश है।
विज्ञापन
विज्ञापन


केस की जांच शुरू से ही सही दिशा में नहीं है। कई मासूम लोगों को फंसाया गया है। पीड़ित बच्ची की हत्या हुई और उसे इंसाफ दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच जरूरी है। कहा कि क्राइम ब्रांच की टीम में कई दागी अफसर हैं। कई महिला वकीलों ने भी बार काउंसिल की टीम के समक्ष केस को तोड़ मरोड़ कर पेश करने का पक्ष रखा।

Kathua gangrape case: Jammu Bar Association raised question on investigation of crime branch

इससे पहले वीरवार को टीम ने कठुआ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों से मुलाकात की थी। साथ ही रसाना गांव जाकर देवस्थान का मुआयना किया था जहां बच्ची के साथ रेप की बात कही जा रही है। आरोपी सांझी राम के परिवार वालों से बात करने के साथ ही रसाना गांव के लोगों से भी घटना के विषय में जानकारी हासिल की थी। बताते चलें कि बार काउंसिल ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ये जांच दल यहां भेजा था। जांच दल की रिपोर्ट काउंसिल के जरिए सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जाएगी।

कोर्ट में लगे भारत माता की जय के नारे 
करीब एक घंटे तक वकीलों ने भारत माता की जय, बार एसोसिएशन जम्मू जिंदाबाद के नारे भी लगाए। इस बीच मीडिया और सरकारी वकीलों को बार रूम में नहीं जाने दिया गया। तीन गाड़ियों में हाईकोर्ट पहुंचे टीम के सदस्य शुक्रवार दोपहर बाद दिल्ली लौट गए।

टीम ने पूछा क्यों रोका महिला वकील को?
बार काउंसिल की टीम ने बार एसोसिएशन के सदस्यों से हाईकोर्ट में पीड़ित बच्ची की महिला एडवोकेट को पेश होने से रोकने व बार प्रधान की ओर से धमकी देने के बारे में पूछा।  
बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट भूपेंद्र सिंह सलाथिया ने कहा कि बार एसोसिएशन की छवि को धूमिल करने के लिए उन पर आरोप लगाए गए हैं। एडवोकेट दीपिका सिंह रजावत ने पीड़ित बच्ची के परिवार की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका पेश की थी। वह हाईकोर्ट में हर तारीख पर पेश हुई हैं। हर सुनवाई के दिन उनकी मौजूदगी के रिकार्ड हैं। उन्हें कभी- किसी ने नहीं रोका और न कोई धमकी दी है। 

बार ने एक दिन पहले रसाना पहुंचने का किया था आग्रह
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ने बताया कि बार ने टीम से आग्रह किया था कि वह एक दिन पहले रसाना पहुंचे। पहले उनका कार्यक्रम 20 अप्रैल को पहुंचने का था। उनके आग्रह पर ही टीम एक दिन पहले 19 अप्रैल को पहुंची थी। कठुआ बार एसोसिएशन ने भी अपना पक्ष रखा है। टीम ने रसाना का भी दौरा किया। करीब एक हजार वकीलों की मौजूदगी में दस्तावेजों को सौंपा गया कि क्यों बार सीबीआई को केस सौंपने के पक्ष में है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed